दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड का अहसास सबसे पहले नाक होता है। क्योंकि आपने अक्सर देखा होगा कि सर्दियों में ज्यादातर लोगों की नाक ठंडी हो जाती है। घर पर हो या फिर बाहर नाक हर वक्त ठंडी रहती है। लेकिन बाहर निकलने पर नाक पर ज्यादा ठंड महसूस होती है। कई बार नाक इतनी ज्यादा ठंडी हो जाती है कि वो सुन्न भी पड़ जाती है। इस तरह की समस्या सबसे ज्यादा थॉयरायड, निमोनिया, डायबिटीज के मरीजों में देखने को मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सर्दियों में नाक क्यों इतनी ठंडी हो जाती है। अगर नहीं तो आज हम आपको बताएंगे कि सर्दियों में नाक क्यों इतनी ज्यादा ठंडी होती है।
नाक ठंडी होने की वजह
ठंड के मौसम में शरीर अंदर के अंगों के तापमान को बरकरार रखने के लिए कई चीजों में बदलाव करता है। अगर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही ढंग से हो तो सर्दी सामान्य महसूस होती है। लेकिन कुछ लोगों को बहुत ज्यादा ठंड लगती है। इसका कारण है शरीर अपना तापमान हमेशा नियत रखने की कोशिश करता है। अगर बाहर में ठंड बहुत ज्यादा हो तो शरीर का सबसे पहला काम होता है महत्वपूर्ण अंदरुनी अंगों को सर्दी से बचाना। जिस वजह से बाहरी अंगों जैसे कि हाथ, पैर, नाक आदि में ब्लड सर्कुलेशन कम होने लगता है। जिसके कारण नाक, हाथ सबसे ज्यादा ठंडे हो जाते हैं।
नाक गर्म कैसे रखें गर्म
बाहर निकलने से पहले अच्छे से गर्म कपड़े पहनें। नाक को मफलर से ढकें।
ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने के लिए सर्दी में अक्सर नाक, हाथ, पैर की मालिश करते रहे।
बाहर निकलने पर नाक को हाथ से मसाज देते रहे।
हर दिन नाक में भाप लें, इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा।
दिन में गर्म सूप जरूर पीएं।
चाय और कॉफी का सेवन करें।
गुनगुने पानी से चेहरे को साफ करें।
