क्या डाबिटीज में गुड़ और शहद खाना चाहिए? शुगर पेशेंट्स कैसे कम करें मीठे की क्रेविंग

आयुर्वेद भी कहता है कि मीठे का सेवन संयम से करना चाहिए। शहद को योगवाहि माना गया है। यह दवाओं की ताकत बढ़ाता है, लेकिन तभी जब शरीर का पाचन ठीक हो। गुड़ को ऊर्जा देने वाला माना जाता है, लेकिन यह कफ बढ़ाता है, जो मधुमेह में अनुकूल नहीं है। इ

अगर आप डायबिटीज से परेशान हैं, तो यह सवाल बार-बार मन में आता है कि क्या गुड़ और शहद ले सकते हैं या नहीं? बहुत लोग कहते हैं कि ये नेचुरल हैं, इसलिए चीनी से ज्यादा सुरक्षित हैं। लेकिन सच यह है कि गुड़ और शहद भी शुगर ही हैं, बस उनका रूप और स्वाद अलग है। दोनों में ग्लूकोज और फ्रक्टोज भरपूर होता है, इसलिए ये ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं। इसी वजह से डायबिटीज वाले लोगों के लिए यह सुरक्षित नहीं माने जाते।

Jaggery and Honey in Diabetes

क्या डायबिटीज में गुड़ और शहद लेना है सुरक्षित? जानिए आयुर्वेद क्या कहता है (Photos: iStock)

डायबिटीज में शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या इंसुलिन सही से काम नहीं करता। ऐसे में जब आप गुड़ या शहद खाते हैं, तो उनका ग्लूकोज तेजी से ब्लड में घुल जाता है और शुगर लेवल बढ़ा देता है। इससे थकान, चक्कर, सिरदर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं और लंबे समय में हार्ट, किडनी और नसों पर असर पड़ सकता है। इसलिए डॉक्टर आमतौर पर सलाह देते हैं कि किसी भी तरह के मीठे, चाहे वह प्राकृतिक ही क्यों न हो, डायबिटीज के मरीजों को उनका सेवन नहीं करना चाहिए।

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