देश में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने लोगों को राहत देने वाली जानकारी दी है। ICMR के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है। फिलहाल देश में जो वायरस फैल रहा है, वह पहले से ज्ञात मौसमी इन्फ्लुएंजा वायरस है और 2025 से ही सर्कुलेशन में है।
स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं, इन लक्षणों को ना करें नजरंदाज (Photo: iStock)
कौन सा H1N1 स्ट्रेन फैल रहा है?
ICMR के अनुसार, भारत में इस समय फैल रहा Influenza A (H1N1) pdm09 वायरस A/Missouri/11/2025 जैसे स्ट्रेन से संबंधित है। यह वायरस क्लेड 6B.1A.5a2a और सबक्लेड D.3.1.1 से जुड़ा है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इसे किसी नए या ज्यादा खतरनाक H1N1 वैरिएंट के रूप में नहीं देखा जा रहा है। साथ ही, वर्तमान में सर्कुलेशन में मौजूद इन्फ्लुएंजा स्ट्रेन उत्तरी गोलार्ध के लिए सुझाए गए वैक्सीन स्ट्रेन से अच्छी तरह मेल खाते हैं।
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दिल्ली में बढ़े H1N1 के मामले
ICMR की यह सफाई ऐसे समय आई है जब दिल्ली में इन्फ्लुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 20 अगस्त तक 2026 में राजधानी में कुल 2,602 मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आए थे। इनमें 1,777 मामले H1N1 के थे। इस साल दिल्ली में H1N1 इन्फ्लुएंजा का प्रमुख सबटाइप बना हुआ है, जबकि 2025 में H3N2 प्रमुख था।
क्या H1N1 से घबराने की जरूरत है?
ICMR के मुताबिक, फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। मौसमी इन्फ्लुएंजा आमतौर पर खुद सीमित रहने वाला संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। हालांकि, कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक रहता है।
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इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर बुखार, खांसी या शरीर में दर्द जैसे लक्षण लगातार बने रहें, तेजी से बढ़ें या सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर समस्या दिखाई दे, तो डॉक्टर से समय पर संपर्क करना जरूरी है। संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढंकना, बीमार होने पर दूसरों से दूरी रखना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना मददगार हो सकता है।
ICMR ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नियमित निगरानी के जरिए जरूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम उठाए जा रहे हैं। इसलिए फिलहाल H1N1 के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन किसी नए स्ट्रेन के फैलने की अफवाहों पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
