Ayurveda Monsoon Health Tips In Hindi: मॉनसून का मौसम ठंडी हवाओं और हरियाली के साथ आता है, लेकिन इसी मौसम में सबसे ज्यादा बीमारियां भी फैलती हैं। सर्दी-खांसी, बुखार, पेट खराब और स्किन इंफेक्शन आम हो जाते हैं। ऐसे में आयुर्वेद अपनाकर हम खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में कार्यरत आयुष चिकित्सक डॉ. जग मोहन ने कुछ आसान लेकिन असरदार आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर हम बारिश के मौसम में भी फिट और हेल्दी रह सकते हैं।
Ayurveda Monsoon Health Tips In Hindi
बारिश में क्यों बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा
डॉ. जग मोहन कहते हैं कि बरसात में वातावरण में नमी बढ़ जाती है और तापमान बार-बार बदलता है। यही कारण है कि इस मौसम में इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और वायरल, बैक्टीरियल इंफेक्शन आसानी से पकड़ लेते हैं।
हल्दी-तुलसी का काढ़ा करें डेली डाइट में शामिल
उन्होंने सलाह दी कि रोज सुबह या शाम हल्दी और तुलसी से बना काढ़ा पिएं। यह शरीर के अंदर के टॉक्सिन्स को साफ करता है और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है।
त्रिकटु चूर्ण से पाचन और इम्युनिटी दोनों को फायदा
त्रिकटु चूर्ण आयुर्वेद में बहुत असरदार माना जाता है। इसका नियमित सेवन न सिर्फ पाचन तंत्र को मजबूत करता है बल्कि शरीर को वायरल से लड़ने की ताकत भी देता है।
गुनगुना पानी पिएं
इस मौसम में पानी उबालकर पीना सबसे अच्छा है। ठंडा या बाहर का पानी कई बार पेट खराब या इंफेक्शन की वजह बन सकता है।
गिलोय और नीम का सेवन करें रोज
गिलोय और नीम दोनों ही ऐसी जड़ी-बूटियां हैं जो शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाती हैं। इन्हें काढ़े या टैबलेट के रूप में लिया जा सकता है।
सफाई रखें और भीगने से बचें
बारिश में ज्यादा देर भीगने से फ्लू और स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। अपने कपड़े सूखे रखें, हाथ-पैर साफ रखें और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
लक्षण दिखें तो तुरंत आयुष केंद्र जाएं
अगर सर्दी, खांसी, बुखार या स्किन पर कुछ अजीब दिखे तो बिना देरी किए नजदीकी आयुष केंद्र जाएं। सही समय पर इलाज शुरू करने से दिक्कतें नहीं बढ़तीं।
Source: IANS
