How Stress Can Lead To Gain Belly Fat: बहुत से लोगों के साथ यह समस्या देखने को मिलती है कि उनके शरीर के किसी अन्य हिस्से की तुलना में पेट के एरिया पर अधिक चर्बी जमने लगती है। यह बैली फैट पूरे शरीर के पॉश्चर को बिगाड़ने में योगदान देता है। लेकिन परेशानी की बात यह कि लोगों का खानपान भी ठीक रहता है और वे शारीरिक रूप से एक्टिव भी रहते हैं, ऐसे में वे इस बात को लेकर काफी परेशान रहते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा होने का क्या कारण है? उनकी तोंद दिन-ब-दिन बाहर क्यों निकलती जा रही है? आपको बता दें कि इसका एक बड़ा कारण तनाव भी हो सकता है। अधिक तनाव और मानसिक स्थिति ठीक न होने की वजह से पेट निकल सकता है। यह कई तरह से बैली फैट के विकास में भूमिका निभाता है। तनाव कैसे बैली फैट का कारण बनता है, इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
How Does Stress Cause Belly Fat
तनाव की वजह से कैसे निकल सकता है बैली फैट - How Does Stress Cause Belly Fat
आपको बता दें कि इसके पीछे का प्रमुख कारण तनाव हार्मोन कोर्टिसोल है। यह हार्मोन शरीर में तब रिलीज होता है, जब व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव में होता है। तनाव के कारण निकलती तोंद को इसलिए कोर्टिसोल बैली कहा जाता है। जब तनाव का स्तर बहुत अधिक होता है, तो इस दौरान सबसे ज्यादा चर्बी हमारे पेट के हिस्से में जमा होती है। ऐसी कई स्थितियां जिनकी वजह से व्यक्ति तनाव ग्रस्त महसूस कर सकते हैं। पढ़ाई और करियर की टेंशन, ऑफिस और परिवार की टेंशन, रिलेशनशिप या किसी बीमारी आदि के कारण भी व्यक्ति को तनाव हो सकता है। पेट की चर्बी बढ़ानें तनाव कैसे योगदान देता है, अगर इस बात पर गौर करें, तो आप देखेंगे कि लोग तनाव के दौरान अच्छा महसूस करने के लिए उन चीजों का अधिक सेवन करते हैं, जो उन्हें बहुत पसंद होती हैं। इनमें मिठाई, जंक और प्रोसेस्ड फूड्स और चिप्स, नमकीन आदि शामिल हैं। तनाव में व्यक्ति भावनात्मक रूप से खाता है, वह कब बहुत ज्यादा कैलोरी का सेवन कर लेता है, उसे इसका पता ही नहीं चलता है। इस तरह धीरे-धीरे यह पेट में चर्बी जमा होने का कारण बनता है।
कोर्टिसोल बैली को कम कैसे कर सकते हैं - Tips To Reduce Cortisol Belly
इस स्थिति में पेट कम करने के लिए सबसे पहले आपको अपने तनाव को मैनेज करने की जरूरत है। उसके बाद स्वस्थ और संतुलित, पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेना आवश्यक है। कोशिश करें कि नियमित दैनिक से थोड़ी कम कैलोरी खाना शुरू करें। सप्ताह में 4-5 दिन जिम हाई इंटेंसिटी वर्कआउट और वेट ट्रेनिंग आदि करने से बहुत लाभ मिलता है। एक्सरसाइज के अलावा, कोशिश करें कि दिन में 8 से 10 हजार कदम पैदल भी जरूर चलें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
