डिलीवरी के तुरंत बाद सबसे पहला काम जो हमें करना होता है, वह है नवजात बच्चे को दूध पिलाना। हालांकि जो महिला पहली बार मां बनी होती है उसे इस बात का कोई अंदाजा नहीं होता है कि उसे कितनी बार को कब बच्चे को दूध पिलाना है। यही कारण है कि ऐसी महिलाओं के लिए सबसे मुश्किल होता है पहला महीना, जिसमें वह बच्चे की भूख की आदत और उसके टाइमिंग को समझने का प्रयास करती हैं। आज हम आपकी इन सभी तरह के सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे।
कितनी बार पिलाएं दूध?
जन्म के पहले महीने में बच्चे को कितनी बार दूध पिलाना चाहिए? अक्सर माताएं ये सवाल करती हैं। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मां का दूध पाचन में बेहद आसान होता है, इसलिए बच्चे को कई बार भूख लग सकती है। यही कारण है कि स्तनपान कर रहे बच्चे को दिन में कम से कम 8-10 बार तक दूध पिलाना चाहिए।
हालांकि पहले महीने में बच्चा काफी छोटा होता है, इसलिए इस समय में बच्चे को लगभग 3 घंटे के अंतराल पर दूध पिलाना उचित रहता है। इस समय का ख्याल आपको रात में भी रखना है।
कितनी देर का रखें गैप?
पहले महीने में बच्चे के पेट का साइज काफी छोटा है, जिससे वह एक बार में बहुत कम दूध पी सकता है। यही कारण है कि इस समय में उसे दिन में कई बार तक भूख लग सकती है। यह नोट करें कि आप बच्चे को दूध पिलाने में कितनी गैप रखती हैं, और इस गैप को लगभग दिन भर समान रखें। हालांकि जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होगा उसका फीडिंग टाइम भी बढ़ता जाएगा।
बच्चे को जन्म के पहले महीने में दिन में कम से कम 8-10 बार स्तनपान कराने से उसकी सेहत दुरुस्त बनी रहती है। इससे उसे सभी तरह का जरूरी पोषण मिल जाता है। यह उसके वजन को बढ़ाने और बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है।
कैसे पता करें बच्चे का पेट है फुल?
पहले महीने बच्चे की भूख को समझ पाना मां के लिए सबसे मुश्किल काम होता है। लेकिन कुछ आसान से स्टेप से आप इसे पता कर सकते हैं। यदि आपको बच्चे का डायपर दिन में 2-3 बार बदलना पड़ रहा है, तो समझ लें कि उसका पेट भर रहा है। इसके बाद यदि बच्चा दिन में 4-5 बार तक मल त्याग करता है, तो इससे साफ है कि उसकी खुराक पर्याप्त है।
