कैसे सेहत खराब कर रहे मोबाइल और लैपटॉप? डॉक्टर से जानें कितना खतरनाक है इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल

तेजी से बदलते समय और लाइफस्टाइल में आज इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ गया है। तकनीक के इस युग में गैजेट्स के बिना जीवन की कल्पना करना भी असंभव हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जी हां आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

भारत को दुनिया का सबसे युवा आबादी वाला देश कहा जाता है। यही कारण है कि हमारे देश में वर्तमान में कंप्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि ज्यादातर लोग इनका इस्तेमाल गेमिंग जैसे फालतू कामों के लिए करते हैं। जिसके कारण लोग घंटों मोबाइल पर नजर लगाए एक जगह बैठे रहते हैं। इससे उनकी आंखों और दिमाग पर काफी बुरा असर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा कमर दर्द, कंधे और रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्याएं भी तेजी से बढ़ती जा रही है। आंकड़ों की मानें तो अस्पताल में रीढ़ की हड्डी के दर्द से परेशान लगभग 60% व्यक्ति ज्यादा मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल के साइड इफेक्ट्स को लेकर हमने बात की अमृता अस्पताल, फरीदाबाद की वरिष्ठ सलाहकार, मनोचिकित्सक डॉ. मीनाक्षी जैन से...

Side Effects of electronic Gadgets

खतरा दिखा रहे आंकड़े

डॉ. मीनाक्षी जैन ने बताया कि इस आधुनिक युग में डिजिटल डिवाइस केवल सुविधा के उपकरण नहीं हैं, बल्कि ये मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन गए हैं। NIMHANS और ICMR के अध्ययनों ने आपके लिए खतरे की घंटी बजा दी है। साल 2023 में हुए NIMHANS के अध्ययन में पाया गया कि युवाओं में 5 घंटे/दिन से ज्यादा स्मार्टफोन का इस्तेमाल तनाव का जोखिम 60% तक बढ़ा देता है। वहीं इसके कारण अवसाद के मामले भी 44% अधिक बढ़ गए हैं। युवाओं में तेजी से बढ़ता स्क्रीन टाइम एक साइलेंट महामारी बनता जा रहा है। भारत में लगभग 8 करोड़ से अधिक किशोरों के पास स्मार्टफोन हैं, इन सभी का स्क्रीन टाइम रात के समय बढ़ जाता है। जिससे उन्हें सोने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रात में मोबाइल का इस्तेमाल करने से मेलाटोनिन हार्मोन का स्राव प्रभावित होता है जिससे नींद के चक्र में बाधा आती है।

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