Heatwave effect on eyes: देशभर में इस वक्त भीषण गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। तेज धूप, लू और लगातार बढ़ती गर्मी अब लोगों की आंखों पर भी बुरा असर डाल रही है। इसी के साथ ही अस्पतालों और आई क्लीनिकों में आंखों से जुड़ी समस्याओं के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
गर्म हवाओं का आंखों पर क्या असर होता है
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आंखों की परेशानी अब आम होती जा रही है। गर्मी और तेज धूप की वजह से लोगों की आंखें लाल हो रही हैं, आंखों में लगातार पानी आ रहा है, जलन और खुजली की समस्या बढ़ रही है। कई लोगों को आंखों में सूखापन यानी ड्राइनेस महसूस हो रही है, जिससे आंखों में भारीपन और दर्द भी हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्म हवाएं और धूल आंखों की नमी को खत्म कर देती हैं, जिससे आंखें जल्दी प्रभावित होती हैं।
शार्प साईट आई हॉस्पिटल्स में सीनियर आई एक्सपर्ट डॉ. गर्विता सिंह का कहना है कि इसके साथ ही लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम भी आंखों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने घंटों बिताने से आंखों पर दबाव बढ़ रहा है। खासकर बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ी है। ऑनलाइन गेम, मोबाइल और गर्मी के दौरान घर के अंदर ज्यादा समय बिताने की वजह से बच्चों की आंखें जल्दी थक रही हैं और उनमें जलन, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि आंखों को बार-बार हाथों से रगड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और आंखों की स्थिति और खराब हो सकती है। अगर आंखों में लालपन, दर्द, पानी आना या चुभन जैसी समस्या लगातार बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की आई ड्रॉप या दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस भीषण गर्मी में आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनें, शरीर को हाइड्रेट रखें, आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें और स्क्रीन टाइम को कम करने की कोशिश करें। बच्चों को भी मोबाइल और टीवी से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है ताकि उनकी आंखों पर ज्यादा असर न पड़े।
गर्मी का यह प्रकोप सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि आंखों के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर इलाज आंखों को गंभीर नुकसान से बचा सकता है।
