Heart blockage: हमारे शरीर में नसों का जाल बिछा हुआ है, जिसके माध्यम से शरीर के हर अंग तक रक्त प्रवाह होता है। जब धमनियों में कफ धातु जमा हो जाता है और रक्त का मुक्त प्रवाह नहीं हो पाता है तो हार्ट ब्लॉकेज की समस्या उत्पन्न होती है। आधुनिक खान-पान व रहन-सहन के चलते हार्ट ब्लॉकेज की समस्या बढ़ती जा रही है। यह जेनेटिक भी हो सकता है। हार्ट ब्लॉकेज व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक आमतौर पर यह 30 वर्ष के बाद यह समस्या उत्पन्न होती है।
जानिए हार्ट ब्लॉकेज के लिए कैसी डाइट लें
हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से धमनियों में कोलेस्ट्रोल जमा होने लगता है और ह्रदय संबंधी रोग पैदा होने लगते हैं। रक्त के प्रवाह में किसी भी प्रकार के रुकावट के कारण रक्त के थक्के बनने लगते हैं जिसके कारण दिल का दौर आता है।
हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण-
हार्ट ब्लॉकेज के कई स्टेज होते हैं। फर्स्ट स्टेज में इसके कुछ खास लक्षण दिखाई नहीं पड़ते लेकिन दूसरे स्टेट में हृदय की धड़कन सामान्य से थोड़ी कम हो सकती है और तीसरे स्टेज में दिल रु- रुक कर धड़कता है। इन्हीं स्टेज पर दिल का दौरा पड़ सकता है।
- छाती में दर्द होना
- काम करने पर बहुत थकान महसूस होना
- सांस फूलना
- सिर में दर्द रहना
- बेहोशी का चक्कर आना
- पैरों में हाथों का सूज जाना
- कमजोरी महसूस होना
हार्ट ब्लॉकेज की रोकथाम के लिए आपका खान-पान और जीवनशैली-
- ट्रांस फैट के सेवन से बचें- कम से कम तेल या घी में बने हुए भोजन का सेवन करें। तेल और डालडा धमनियों में परत के रूप में जमा होने लगते हैं और ब्लड के फ्री फ्लो में बाधा पैदा करते हैं।
- अधिक शक्कर, गुड़ आदि का सेवन ना करें, क्योंकि मीठे के सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। यह रक्त को गाढ़ा करता है, जो शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है।
- नमक का जरूरत से अधिक सेवन करने से हाइपरटेंशन की समस्या होती है।
- धूम्रपान से बचें।
- रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद ले और तनाव दूर रहें।
ह्रदय को सेहतमंद रखना जीने के लिए जरूरी है। इसलिए सही खानपान ,जीवनशैली व दिनचर्या अपनाएं। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं,एल्कोहल छोड़ दें, कम तेल में बने हुए भोजन को ग्रहण करें बुरी आदतों को त्याग दें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
