H1N1 Cases in India: देश में मौसमी फ्लू और H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें देशभर में इन्फ्लुएंजा के ट्रेंड के साथ दिल्ली की मौजूदा स्थिति और अस्पतालों की तैयारियों पर खास तौर पर चर्चा हुई।
केंद्र ने की स्वाइन फ्लू के बढ़ते केसेज की समीक्षा
बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी शामिल हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी यानी ILI, गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण यानी SARI, H1N1 टेस्टिंग और लैब निगरानी से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा की।
अस्पतालों में बेड और ICU की उपलब्धता पर चर्चा
दिल्ली के अस्पतालों में बेड, ICU और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया। जेपी नड्डा ने अधिकारियों को मामलों की लगातार निगरानी करने और अचानक मरीज बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, H1N1 समेत मौसमी फ्लू की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए राज्यों, अस्पतालों और जांच प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
H1N1 के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे
पीएसआरआई अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन डॉ. नीतू जैन के अनुसार, H1N1 एक वायरल संक्रमण है और इसके शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही हो सकते हैं। मरीज को बुखार, खांसी, गले में दर्द, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ लोगों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी देखी जा सकती है।
हर सर्दी-बुखार को H1N1 मानकर घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकतर मरीज आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, लक्षण बढ़ने लगें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
किन लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, COPD, हृदय रोग, डायबिटीज या कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे लोगों को बुखार और सांस से जुड़े लक्षण होने पर जल्दी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सांस लेने में परेशानी, ऑक्सीजन स्तर गिरना, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, भ्रम या होंठ नीले पड़ना खतरे के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है।
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें। हाथों को नियमित रूप से धोएं और भीड़ वाली जगह पर मास्क पहनें। बुखार या खांसी होने पर घर पर रहें और बुजुर्गों तथा गंभीर बीमारी वाले लोगों से दूरी रखें। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा लेना भी सही नहीं है।
