Gas Causing Fruits: आमतौर पर फलों को पचने में आसान और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन अक्सर हम देखते हैं कि बहुत से लोगों को गैस की समस्या होती है। ऐसे में लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों होता है। यह सही है कि फल सेहत के लिए लाभकारी होते हैं, लेकिन कुछ फल ऐसे भी होते हैं, जिन्हें खाने से पेट में गैस बनती है और इन्हें कमजोर पाचन वालों को खाने से बचने की सलाह दी जाती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी पाचन संबंधी समस्या से जूझ रहा है, उन्हें कुछ फल खाने से सख्त बचना चाहिए, क्योंकि ये उनकी परेशानियां बढ़ा सकते हैं। बहुत से लोग अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि आखिर ऐसे कौन-कौन से फल हैं, जो पेट में गैस बनाने में योगदान देते हैं। यहां जाने इनके बारे में विस्तार से।
Fruits That Cause Gas
पेट में गैस बनाते हैं ये फल - Fruits That Cause Gas In Hindi
सेब (Apple)
इस फल को खाने के बाद लोगों में गैस की समस्या काफी देखने को मिलती है। यह उन लोगों के साथ देखने को मिलती है, जिन लोगों को फ्रूक्टोज से एलर्जी होती है या वे इसे पचा नहीं पाते हैं। असल में यह एक प्राकृतिक चीनी होती है, जो फलों में पाई जाती है। जो लोग इसे पचा नहीं पाते हैं, उनमें यह गैस बनाती है।
खट्टे फल (Citrus)
जो फल स्वाद में खट्टे होते हैं उन्हें खाने से पेट में एसिड बनने की समस्या होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ फलों में साइट्रिक एसिड होता है। ऐसे फलों को हमेशा खाली पेट खाने से बचने की सलाह दी जाती है। संतरा, मौसम्बी, आंवला, नींबू और संतरा आदि कुछ ऐसे ही फल होते हैं।
नाशपाती (Pear)
सेब की तरह इस फल में भी प्राकृतिक चीनी फ्रुक्टोज होती है, इसे कुछ लोगों के लिए पचा पाना मुश्किल हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई समस्या है, तो उन्हें तो इसके सेवन से सख्त परहेज करना चाहिए।
जामुन (Jamun)
स्वादिष्ट और रसीले जामुन सभी के पसंदीदा फल में से एक है, लेकिन पेट में गैस बनाने में भी ये योगदान देते हैं। इनमें फ्रुक्टोज के साथ-साथ सोर्बिटोल भी होता है, जिसे पचाना सभी के लिए सरल नहीं होता है। ऐसे में ये ठीक से पचते नहीं है और गैस बनाते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
