Heat Exhaustion Vs Heat Stroke: इस समय गर्मी लोगों का बुरा हाल कर रही है। थोड़ी देर धूप में निकलते ही चक्कर, कमजोरी और सिर भारी लगने जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। आपने अक्सर 'लू लगना' यानी हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) के बारे में सुना होगा, लेकिन उससे पहले शरीर एक और संकेत देता है, जिसे हीट एग्जॉशन (Heat Exhaustion) कहा जाता है। कई लोग दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है।
गर्मी में कैसे समझें दोनों के बीच का फर्क
मारेंगो एशिया अस्पताल, गुरुग्राम के इंटरनल मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज खताना बताते हैं कि हीट एग्जॉशन गर्मी से बिगड़ती शुरुआती हालत होती है, जबकि हीट स्ट्रोक उससे ज्यादा खतरनाक स्थिति है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो हालत गंभीर हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आम लोग भी इसके लक्षण समझें और सही समय पर सावधान हो जाएं।
हीट एग्जॉशन क्या होता है
डॉ. पंकज खताना के मुताबिक जब कोई व्यक्ति तेज गर्मी में लंबे समय तक रहता है या बहुत ज्यादा पसीना निकलता है, तब शरीर में पानी और नमक की कमी होने लगती है। इसी वजह से हीट एग्जॉशन की समस्या होती है।
इस हालत में इंसान को बहुत ज्यादा पसीना आता है, शरीर टूटने लगता है और कमजोरी महसूस होती है। कई लोगों को चक्कर आते हैं, सिर दर्द होता है या जी मिचलाने लगता है। कुछ लोगों को ऐसा भी लग सकता है कि अब बेहोश हो जाएंगे।
हीट स्ट्रोक क्यों ज्यादा खतरनाक है
अगर हीट एग्जॉशन को समय पर संभाला न जाए तो वही आगे चलकर हीट स्ट्रोक बन सकता है। यह बहुत गंभीर हालत होती है। डॉक्टर बताते हैं कि इस समय शरीर इतना ज्यादा गर्म हो जाता है कि खुद को ठंडा नहीं रख पाता। शरीर आग की तरह गर्म लगने लगता है और कई बार पसीना आना भी बंद हो जाता है। व्यक्ति ठीक से बोल नहीं पाता, घबराहट होने लगती है और वह बेहोश भी हो सकता है। सही समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा भी हो सकता है।
हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक दोनों में फर्क कैसे समझें
आसान भाषा में समझें तो हीट एग्जॉशन शरीर की चेतावनी है कि अब आराम और पानी की जरूरत है। जबकि हीट स्ट्रोक खतरे की घंटी है, जहां तुरंत डॉक्टर की जरूरत पड़ सकती है।
हीट एग्जॉशन में इंसान को पसीना आता रहता है और वह बात कर सकता है। लेकिन हीट स्ट्रोक में शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है और हालत तेजी से बिगड़ सकती है।
ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत ध्यान दें
अगर किसी को तेज पसीना आ रहा हो, कमजोरी लग रही हो या चक्कर आ रहे हों, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर बैठाएं। पानी या ORS दें और आराम करने दें।
लेकिन अगर शरीर बहुत गर्म लगे, व्यक्ति उलझन में दिखे, ठीक से बात न कर पाए या बेहोश होने लगे, तो देर बिल्कुल न करें। तुरंत अस्पताल ले जाएं क्योंकि यह हीट स्ट्रोक हो सकता है।
गर्मी में खुद को कैसे बचाएं
डॉ. पंकज खताना सलाह देते हैं कि दोपहर की तेज धूप में ज्यादा देर बाहर न रहें। बार-बार पानी पीते रहें, खाली पेट बाहर न निकलें और हल्के कपड़े पहनें। गर्मी में शरीर पहले ही छोटे-छोटे संकेत देने लगता है। अगर इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
