Food Poisoning Risk From Cracked Chopping Board: किचन की सफाई की बात आते ही ज्यादातर लोग गैस, सिंक और बर्तनों पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक चीज ऐसी भी है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है और वह है चॉपिंग बोर्ड। कई घरों में एक ही चॉपिंग बोर्ड सालों तक इस्तेमाल होता रहता है। समय के साथ उस पर चाकू के गहरे निशान और छोटी-छोटी दरारें पड़ जाती हैं। देखने में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन यही दरारें आपकी सेहत के लिए परेशानी की वजह बन सकती हैं। अगर उसी बोर्ड पर कच्चा चिकन, मांस, मछली या बिना धुली सब्जियां काटी जाती हैं, तो उसमें कीटाणु छिप सकते हैं। अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि खराब हो चुके चॉपिंग बोर्ड को नजरअंदाज करना फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ा सकता है।
क्या चॉपिंग बोर्ड भी फूड पॉइजनिंग की वजह बन सकता है?
दरारों में छिप सकते हैं गंदगी और कीटाणु
जब चॉपिंग बोर्ड नया होता है तो उसे साफ करना आसान रहता है। लेकिन बार-बार इस्तेमाल होने से उस पर गहरे कट और दरारें बनने लगती हैं। इन जगहों पर खाने के बहुत छोटे-छोटे टुकड़े और नमी फंस सकती है। कई बार सामान्य तरीके से धोने पर भी ये पूरी तरह साफ नहीं हो पाते। यही कारण है कि वहां कीटाणु लंबे समय तक टिके रह सकते हैं और अगली बार खाना काटते समय दूसरे खाद्य पदार्थों तक पहुंच सकते हैं।
एक ही बोर्ड पर सब कुछ काटना पड़ सकता है भारी
डॉ. मोहित शर्मा के अनुसार, सबसे ज्यादा खतरा तब होता है जब एक ही चॉपिंग बोर्ड पर पहले कच्चा चिकन, मांस या मछली काटी जाए और बाद में उसी पर सलाद, फल या ऐसी चीजें काटी जाएं जिन्हें दोबारा पकाया नहीं जाता। ऐसे में कच्चे खाद्य पदार्थों पर मौजूद कीटाणु दूसरे खाने तक पहुंच सकते हैं। इसे ही एक खाद्य पदार्थ से दूसरे में संक्रमण फैलना कहा जाता है और यही फूड पॉइजनिंग की वजह बन सकता है।
सिर्फ धो लेना हमेशा काफी नहीं होता
अक्सर लोग सोचते हैं कि पानी और साबुन से बोर्ड धो देने से वह पूरी तरह साफ हो जाता है। लेकिन अगर बोर्ड में गहरी दरारें बन चुकी हैं, तो वहां फंसी गंदगी और कीटाणु पूरी तरह निकलना आसान नहीं होता। डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि ज्यादा घिसे या टूटे हुए चॉपिंग बोर्ड को लंबे समय तक इस्तेमाल करना सही नहीं है, क्योंकि ऐसे बोर्ड की अच्छी तरह सफाई करना मुश्किल हो जाता है।
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कब बदल देना चाहिए चॉपिंग बोर्ड
अगर आपके चॉपिंग बोर्ड पर गहरे कट, दरारें या ऐसी जगहें बन गई हैं जिन्हें साफ करना मुश्किल लगता है, तो अब उसे बदलने का समय आ गया है। फूड सेफ्टी से जुड़ी संस्थाएं भी यही सलाह देती हैं कि बहुत ज्यादा घिस चुके चॉपिंग बोर्ड को नए बोर्ड से बदल देना चाहिए। यह एक छोटा-सा कदम है, लेकिन इससे खाने को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
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किचन को सुरक्षित रखने के आसान तरीके
डॉ. मोहित शर्मा सलाह देते हैं कि कच्चे मांस और सब्जियों या फलों के लिए अलग-अलग चॉपिंग बोर्ड इस्तेमाल करना बेहतर आदत है। हर बार इस्तेमाल के बाद बोर्ड को अच्छी तरह साफ करें और पूरी तरह सूखने दें। अगर उसमें गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, तो नया बोर्ड खरीदने में देर न करें। कई बार हम बड़ी-बड़ी सावधानियां तो बरतते हैं, लेकिन ऐसी छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि यही छोटी आदतें पूरे परिवार को फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं
