Collagen Might Be Making Type 2 Diabetes Worse: अब तक आपने कोलेजन का नाम स्किन टाइट रखने या जॉइंट्स की हेल्थ के लिए सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही कोलेजन डायबिटीज को बढ़ावा भी दे सकता है? जी हां, IIT बॉम्बे की एक लेटेस्ट रिसर्च में ऐसा ही खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने पाया कि शरीर में मौजूद एक खास प्रकार का कोलेजन, जिसे कोलेजन-1 कहते हैं, डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। ये रिसर्च डायबिटीज की जड़ों को समझने और रोकथाम के लिए एक नया दरवाजा खोलती है।
Collagen Might Be Making Type 2 Diabetes Worse
कोलेजन से जुड़ा है डायबिटीज का कनेक्शन
IIT बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है, जो डायबिटीज के मरीजों और रिसर्चर्स दोनों के लिए चौंकाने वाली है। रिसर्च में सामने आया कि कोलेजन-1 नाम का प्रोटीन, जो शरीर में सबसे ज्यादा मात्रा में पाया जाता है, टाइप 2 डायबिटीज को बढ़ावा दे सकता है।
क्या करता है कोलेजन-1?
कोलेजन-1 हमारी कोशिकाओं के बाहर मौजूद एक प्रोटीन है। रिसर्च के मुताबिक, डायबिटीज की स्थिति में यह प्रोटीन पैंक्रियास में ज़रूरत से ज़्यादा जमा हो जाता है, जिससे वहां की टिशू और हार्मोन सही से काम नहीं कर पाते।
हार्मोनल गड़बड़ी भी बनती है वजह
जब शरीर में ब्लड शुगर बढ़ता है, तो इंसुलिन के साथ एक और हार्मोन ऐमिलिन बनता है। लेकिन कोलेजन-1 की वजह से ये ऐमिलिन हार्मोन आपस में चिपककर गुच्छे बना लेते हैं, जो पैंक्रियास की बीटा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
इंसुलिन का प्रोडक्शन हो जाता है कमजोर
बीटा कोशिकाओं के डैमेज होने का मतलब है कि शरीर में इंसुलिन बनना कम हो जाएगा। और जब इंसुलिन कम बनेगा तो ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ेगा, जिससे डायबिटीज की स्थिति और खराब हो सकती है।
डायबिटीज के मरीज रहें सतर्क
जिन लोगों को पहले से टाइप 2 डायबिटीज है, उनके शरीर में कोलेजन-1 का स्तर और अधिक बढ़ सकता है, जिससे बीमारी कंट्रोल से बाहर जा सकती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों के लिए यह रिसर्च काफी अहम मानी जा रही है।
जरूरी है इस पर और रिसर्च
IIT बॉम्बे की यह खोज डायबिटीज के इलाज में एक नया पहलू जोड़ती है। अब वक्त है कि डॉक्टर्स और साइंटिस्ट्स इस दिशा में और रिसर्च करें, ताकि कोलेजन के असर को समझकर बेहतर इलाज और प्रिवेंशन की दिशा में काम किया जा सके।
News Source: IANS
