Chronic stress: आजकल ज्यादातर लोग किसी ने किसी वजह से अक्सर ही तनाव का सामना करते हैं, जिसका सीधा असर उनके फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। कई बार तनाव एक वक्त के लिए ही रहता है लेकिन कभी-कभी यह लंबे समय तक बना रहता है, तो यह हमें गंभीर रूप से प्रभावित करता ,है जिसे दीर्घकालिक तनाव या क्रॉनिक स्ट्रेस कहते हैं। अगर कोई व्यक्ति स्ट्रेस में होता है तो उसकी बॉडी में एड्रेनालाइल और कॉर्टिसोल नामक हार्मोन रिलीज होते हैं, जो हमारे शरीर में सांस की गति या हृदय को बढ़ाकर स्ट्रेस को बढ़ावा देते हैं। वहीं, सामान्य तनाव को कुछ कारक ट्रिगर करते हैं। ऐसे में स्थिति गंभीर हो सकती है।
इस तरह पहचानें क्रोनिक स्ट्रेस के लक्षण
क्रॉनिक स्ट्रेस के लक्षण-
1. नींद ना आना-
अक्सर तनाव के कारण नींद की परेशानी का सामना करना पड़ता है जो कि आगे चलकर दूसरी कई बीमारियों जैसे डायबिटीज हार्ड संबंधी बीमारियों का कारण बन जाती है।
2. थकान-
तनाव के कारण हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है बेवजह थकावट डिप्रेशन का कारण बनती है। अधिक थकावट रहने की वजह से एंग्जायटी भी शुरू हो सकती है।
3. बार बार बीमार पड़ना-
लगातार तनाव में रहने के कारण हम बार-बार बीमार होने लगते हैं इसका मतलब यह हुआ कि आपके जेहन का असर आपके शरीर पर पड़ता है एसिडिटी अस्थमा जैसी कई दिक्कतें सामान्यतः दिखाई पड़ती हैं।
4. वैवाहिक संबंधों पर असर-
स्ट्रेस शरीर के साथ-साथ वैवाहिक संबंधों पर भी बुरा प्रभाव डालता है। आपकी सेक्स लाइफ भी इसका शिकार हो जाती है। महिलाओं में मेंस्ट्रूअल साइकिल भी इसका शिकार हो जाती है या पूरी तरह बंद भी हो सकती है पुरुषों में स्पर्म काउंट और स्टोर स्टोरेज लेवल कम हो जाता है।
इसके अलावा बार बार सिर दर्द होना, कब्ज की शिकायत, भूख ना लगना, असहाय महसूस करना, बार-बार संक्रमण होना, सोने में कठिनाई, चिड़चिड़ापन ,घबराहट होना, आत्मविश्वास में कमी इत्यादि क्रॉनिक स्ट्रेस के लक्षणों में शामिल होते हैं। स्ट्रेस को दूर करने के लिेए आप सुबह दौड़ना और थोड़ी एक्सरसाइज से शुरुआत कर सकते हैं। अपने तनाव के बारे में अपने दोस्तों और प्रि जनों से बातें साझा करें। शराब, सिगरेट और कैफीन की लत से दूर रहें। अपने लिए छुट्टियां लेना शुरू करें। एक हेल्पफुल नेचर बनाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
