Causes Of Extreme Fatigue Even After Sleeping In Hindi: कभी-कभी ऐसा होता है ना कि हम रात को अच्छे से 7-8 घंटे की नींद लेते हैं, फिर भी सुबह उठने के बाद थकावट महसूस होती है और दिनभर बस सुस्ती छाई रहती है? काम में मन नहीं लगता, मूड भी डाउन रहता है। कई लोग इसे बस आलस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा रोज हो रहा है तो ये कोई सामान्य बात नहीं है। इसके पीछे कुछ हेल्थ से जुड़ी छुपी हुई वजहें हो सकती हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसी 5 बड़ी वजहें।
Causes Of Extreme Fatigue Even After Sleeping In Hindi
ज्यादा स्ट्रेस या डिप्रेशन
मानसिक थकान का असर सीधा शरीर पर पड़ता है। जब दिमाग लगातार टेंशन में होता है या डिप्रेशन जैसी दिक्कतें होती हैं, तो नींद से भी आराम महसूस नहीं होता। हर वक्त आलस और थकावट बनी रहती है। ऐसे में खुद को हल्का महसूस कराने के लिए प्रोफेशनल मदद लेना बेहतर रहता है।
कैफीन या शराब की आदत
रात को सोने से पहले चाय, कॉफी या शराब का सेवन करने से नींद की क्वालिटी खराब हो सकती है। ये चीजें नींद में खलल डालती हैं और सुबह उठने पर फ्रेश फील नहीं होता। कोशिश करें कि सोने से कम से कम 4 घंटे पहले इन चीजों से दूरी बना लें।
शरीर में पोषण की कमी
अगर आपको लग रहा है कि नींद पूरी करने के बाद भी एनर्जी नहीं आ रही, तो हो सकता है आपके शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स न मिल पा रहे हों। खासकर आयरन, विटामिन बी12, और विटामिन डी की कमी से शरीर सुस्त और कमजोर लगता है। थकावट बनी रहती है और काम करने का मन नहीं करता।
नींद गहरी नहीं थी
नींद की मात्रा ही नहीं, उसकी क्वालिटी भी जरूरी होती है। अगर आपकी नींद बार-बार टूटती है या आप गहरी नींद में नहीं जा पाते, तो शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता। स्लीप एपनिया जैसी नींद से जुड़ी परेशानियां भी इसका कारण हो सकती हैं, जिसमें सांस रुकने की वजह से नींद डिस्टर्ब होती रहती है।
थायरॉइड की गड़बड़ी
थायरॉइड एक ऐसा हार्मोन है जो पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है। अगर ये धीमा हो जाए (हाइपोथायरॉइडिज़्म), तो शरीर हर वक्त थका-थका सा लगता है, भले ही आप कितनी भी नींद क्यों न लें। अगर ये लक्षण लगातार दिखें, तो एक बार थायरॉइड टेस्ट जरूर करवाएं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
