उम्र बढ़ने के साथ डिमेंशिया यानी याददाश्त कमजोर होने की बीमारी, का खतरा कई लोगों को डराता है। हालांकि, हर मामले को पूरी तरह रोकना मुमकिन नहीं है, लेकिन कुछ खास और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जीवनशैली में बदलाव करके इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हाल ही में जाने-माने कार्डियोवास्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे ही बेहद जरूरी और आसान टिप्स शेयर किये हैं, जिन्हें अपनाकर ब्रेन हेल्थ को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है:
जानिए डिमेंशिया के खतरे को कैसे करें कम (Photo: iStock)
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें
डॉ. लंदन के अनुसार, अपने ब्लड प्रेशर को हमेशा 130/80 से नीचे रखने की कोशिश करें। इसके लिए वजन नियंत्रित रखना और नियमित व्यायाम करना सबसे बड़े उपाय हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें और घर पर नियमित रूप से बीपी ट्रैक करते रहें। हाई बीपी सीधे तौर पर उन ब्लड वेसेल्स को प्रभावित करता है जो मस्तिष्क को खून पहुंचाती हैं।
सुनने और देखने की क्षमता की समय पर जांच कराएं
कम सुनना या कम दिखना भी मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है। अगर सुनने में दिक्कत है तो हियरिंग एड का इस्तेमाल करें और नजर कमजोर होने पर चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस का सही उपयोग करें। नजर और सुनने की अनदेखी करने से मस्तिष्क तक जरूरी संकेत सही से नहीं पहुंच पाते, जिससे कॉग्निटिव हेल्थ प्रभावित हो सकती है।
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें
शारीरिक रूप से सक्रिय रहना दिल और दिमाग दोनों के लिए वरदान है। कार्डियो एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और वैस्कुलर सिस्टम मजबूत होता है।
ब्लड शुगर और लाइफस्टाइल पर नियंत्रण
शरीर में कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और पेट की चर्बी को नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा धूम्रपान से पूरी तरह तौबा करें, क्योंकि ये सभी आदतें मस्तिष्क को खून पहुंचाने वाली नसों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती हैं।
शराब का सेवन कम से कम करें
अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन न केवल दिल और लिवर के लिए हानिकारक है, बल्कि यह मानसिक और मस्तिष्क स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। इसलिए इसका सेवन सीमित ही रखें।
सिर की सुरक्षा का रखें ध्यान
सफर करते समय या जोखिम भरे खेलों के दौरान हेलमेट पहनने की आदत डालें। सिर पर बार-बार या गंभीर चोट लगने से भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा हो सकती हैं, इसलिए सुरक्षा सर्वोपरि है।
डिप्रेशन का समय पर इलाज कराएं
मानसिक स्वास्थ्य और कॉग्निटिव सेहत आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। अगर आप लंबे समय से तनाव, चिंता या डिप्रेशन से जूझ रहे हैं, तो पेशेवर मदद या थेरेपी लेने में बिल्कुल संकोच न करें।
सामाजिक रूप से जुड़े रहें और भरपूर नींद लें
दिमाग को सक्रिय रखने के लिए नए लोगों से मिलें, सामाजिक और मानसिक रूप से खुद को व्यस्त रखें। इसके अलावा, हर रात पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना स्वस्थ बुढ़ापे और मजबूत याददाश्त के लिए सबसे अहम है।
