Ayurvedic Remedies To Lower Triglycerides: ट्राइग्लिसराइड हमारे खून में मौजूद वसा का एक प्रकार है। जब हम खाना खाते हैं और शरीर तुरंत कैलोरी का उपयोग नहीं करता, तो अतिरिक्त ऊर्जा वसा कोशिकाओं में ट्राइग्लिसराइड के रूप में जमा हो जाती है। जरूरत पड़ने पर यह ऊर्जा का स्रोत बनती है। इसका सामान्य स्तर 150 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम होता है। लंबे समय तक उच्च ट्राइग्लिसराइड रहने से हृदय रोग, स्ट्रोक, मोटापा, फैटी लिवर और डायबिटीज़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
Ayurvedic Remedies To Lower Triglycerides
ट्राइग्लिसराइड बढ़ने के कारण
अक्सर लोग मानते हैं कि केवल तैलीय भोजन ट्राइग्लिसराइड बढ़ाता है, लेकिन असल में शुगर, मैदा और मीठे पेय इसके सबसे बड़े कारण हैं। उच्च ट्राइग्लिसराइड हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को एलडीएल कोलेस्ट्रॉल जितना या उससे भी ज्यादा बढ़ा सकता है। यह टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन प्रतिरोध का भी संकेत देता है। आनुवंशिक कारणों से भी इसका स्तर बढ़ सकता है।
ट्राइग्लिसराइड को नियंत्रित करने के आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेद में कई उपाय ट्राइग्लिसराइड को कम करने में सहायक हैं। त्रिफला चूर्ण रात में गुनगुने पानी के साथ लेने से पाचन बेहतर होता है। सुबह लहसुन, अर्जुन की छाल का काढ़ा और मेथी दाना ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं। ग्रीन टी और दालचीनी एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण शरीर की अतिरिक्त वसा को घटाती हैं।
योग, प्राणायाम और व्यायाम का महत्व
योग और प्राणायाम, जैसे कपालभाति, अनुलोम-विलोम और सूर्य नमस्कार, वसा संतुलन बनाए रखने में बेहद प्रभावी हैं। इसके अलावा सप्ताह में कम से कम 5 दिन 30 मिनट की वॉक या हल्का व्यायाम करना हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
जीवनशैली बदलाव से ट्राइग्लिसराइड पर नियंत्रण
ट्राइग्लिसराइड को नियंत्रित रखने के लिए जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी हैं। चीनी और मीठे पेय कम करें, तले-भुने और पैकेज्ड फूड से दूरी बनाएं। हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फल अधिक खाएं। धूम्रपान और शराब से बचें, पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें।
Source: IANS
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
