वायु प्रदूषण बना मानव जीवन का सबसे बड़ा दुश्मन, 17 लाख भारतीयों की गई जान, लैंसेट की रिपोर्ट में दावा

Air Pollution In India : लैंसेट के एक नए अध्ययन के अनुसार, भारत में वायु प्रदूषण के कारण साल 2022 में 17 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। यह संख्या 2010 के आंकड़ों से 38% अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

Air Pollution In India : हाल ही में प्रकाशित लैंसेट अध्ययन ने भारत में वायु प्रदूषण के खतरे को एक बार फिर उजागर किया है। अध्ययन के अनुसार, 2022 में वायु प्रदूषण के कारण 17 लाख से अधिक भारतीयों की मौत हुई, जो 2010 के अनुमान से 38% अधिक है। यह रिपोर्ट 128 विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई है, जो स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में कार्यरत हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया कि त्यौहारों के दौरान प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हुई है, जिससे अस्पतालों में सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में इजाफा हुआ है। नागरिकों को सुरक्षित उत्सव मनाने और प्रदूषण के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

air pollution in india

डॉ. जेरमी फर्रार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहायक महानिदेशक, ने कहा, "जलवायु संकट एक स्वास्थ्य संकट है। हर एक डिग्री की गर्मी जीवन और आजीविका की कीमत पर होती है। यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि जलवायु कार्रवाई न केवल स्वास्थ्य के लिए एक अवसर है, बल्कि यह हमारे समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य अवसर भी है।"

End of Feed