Cervical Cancer Prevention In Hindi: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला ऐसा कैंसर है जिसे समय रहते जांच और सही रोकथाम से पूरी तरह रोका जा सकता है। इसके बावजूद भारत में यह आज भी महिलाओं की मौत की बड़ी वजह बना हुआ है। हर आठ मिनट में एक महिला की जान जाना बेहद चिंताजनक है। इसी खतरे को कम करने के लिए AIIMS नई दिल्ली ने जागरूकता, स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन पर केंद्रित एक बड़ी पहल शुरू की है।
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए AIIMS की पहल (PC- Ai)
भारत में सर्वाइकल कैंसर की डरावनी तस्वीर
सर्वाइकल कैंसर दुनिया के सबसे अधिक रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है, फिर भी इसका बोझ लगातार बढ़ रहा है। साल 2022 में दुनियाभर में इसके करीब 6.6 लाख नए मामले सामने आए और 3.5 लाख महिलाओं की मौत हुई। भारत में हर साल लगभग 1.27 लाख नए मामले और करीब 80 हजार मौतें दर्ज होती हैं, जो यह दिखाता है कि यह समस्या कितनी गंभीर है।
HPV संक्रमण है मुख्य कारण
सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी HPV है। अधिकतर मामलों में शरीर की इम्युनिटी इस वायरस को खत्म कर देती है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह लंबे समय तक बना रहता है और कैंसर का रूप ले सकता है। कम उम्र में शादी, बार-बार गर्भधारण, धूम्रपान, यौन संक्रमण और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता जोखिम को और बढ़ा देती है।
लक्षण देर से दिखना सबसे बड़ी चुनौती
इस बीमारी की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआती चरण में अक्सर कोई लक्षण नजर नहीं आते। जब लक्षण दिखते हैं, तब तक बीमारी आगे बढ़ चुकी होती है। हालांकि इसमें 10 से 15 साल का लंबा प्रीकैंसर चरण होता है, जिसमें समय पर जांच से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है।
AIIMS का फोकस आधुनिक स्क्रीनिंग पर
विश्व स्वास्थ्य संगठन अब HPV टेस्टिंग को सबसे प्रभावी स्क्रीनिंग तरीका मानता है। AIIMS नई दिल्ली भी WHO द्वारा मान्यता प्राप्त HPV टेस्ट के जरिए महिलाओं की समय पर जांच को बढ़ावा दे रहा है, ताकि बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सके।
वैक्सीनेशन और मुफ्त जांच से सुरक्षा
AIIMS का जोर 9 से 14 साल की लड़कियों को HPV वैक्सीन देने पर भी है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम हो सके। AIIMS के प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी क्लिनिक में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध है और समुदाय स्तर पर भी स्क्रीनिंग कैंप लगाए जा रहे हैं।
