AdFalciVax Malaria Vaccine: भारत ने मलेरिया से बचाव के लिए एक बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने देश की पहली स्वदेशी मलेरिया वैक्सीन तैयार की है, जिसका नाम है AdFalciVax। यह वैक्सीन न केवल इंसानों को संक्रमण से बचाएगी, बल्कि मलेरिया के फैलाव को भी कम करेगी।
Malaria Vaccine (Representative Image by iStock)
भारत की यह नई वैक्सीन मलेरिया को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है। अगर सब कुछ सही रहा, तो आने वाले कुछ वर्षों में देश को मलेरिया से मुक्ति मिल सकती है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), अपने क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र, भुवनेश्वर (RMRCBB) और राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (NIMR) के माध्यम से, जैव प्रौद्योगिकी विभाग–राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (DBT-NII) के साथ साझेदारी मे मलेरिया वैक्सीन विकसित कर रहा है, जिसका नाम AdFalciVax है।
AdFalciVax वैक्सीन क्या है
- यह वैक्सीन दुनिया के सबसे खतरनाक मलेरिया परजीवी Plasmodium falciparum पर असर करती है।
- यह दो अलग-अलग चरणों में परजीवी को निशाना बनाती है – यानी दोगुना सुरक्षा।
- यह वैक्सीन शरीर में लंबे समय तक असरदार बनी रहती है और इसे कमरे के तापमान पर भी 9 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
क्या AdFalciVax वैक्सीन लगाने के लिए तैयार है
वैक्सीन अभी परीक्षण के शुरुआती (pre-clinical) चरण में है, लेकिन इसके नतीजे बेहद सकारात्मक रहे हैं। अब इसे इंसानों पर ट्रायल के लिए तैयार किया जा रहा है। सभी परीक्षण और मंजूरी मिलाने में करीब 7 साल लग सकते हैं।
क्यों खास है AdFalciVax वैक्सीन
ये वैक्सीन भारत में ही बनी है और इसे Make in India का बेहतरीन उदाहरण बताया जा रहा है। यह एक साथ दो स्तरों पर काम करती है – संक्रमण को रोकने और मलेरिया के फैलाव को थामने में मददगार। यह मौजूदा विदेशी वैक्सीन्स से ज्यादा असरदार और सस्ती हो सकती है।
ICMR इस तकनीक को दूसरे वैज्ञानिक संस्थानों और कंपनियों के साथ साझा करेगा ताकि इसका जल्दी से उत्पादन और उपयोग हो सके। वैक्सीन अभी बाजार में नहीं आई है और इसका क्लिनिकल उपयोग फिलहाल संभव नहीं है।
