क्या आपने कभी सोचा है कि आपका मामूली दांत का इलाज आपके लिए जानलेवा भी हो सकता है। जी हां तमिलनाडु के वनियामबाड़ी शहर से ऐसा ही एक खौफनाक मामला सामने आया है। जहां एक डेंटिस्ट के पास अपना इलाज कराने गए 8 लोगों की मौत एक खतरनाक ब्रेन इंफेक्शन के कारण हो गई। इसके अलावा कई और भी लोग इस संक्रमण के शिकार हो गए हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह संक्रमण एक दुर्लभ बैक्टीरिया बर्कहोल्डेरिया स्यूडोमेलाई के फैलने से हुआ है। जिसे न्यूरो मेलिओडोसिस (neuro melioidosis) नाम से जाना जाता है।
क्या है न्यूरो मेलिओडोसिस रोग?
न्यूरोमेलियोइडोसिस रोग कोई आम बीमारी नहीं है, बल्कि ये आपके दिमाग और रीढ़ की हड्डी पर हमला करने वाला एक खतरनाक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। इस रोग के पनपने का कारण Burkholderia pseudomallei बैक्टीरिया होता है। इस बैक्टीरिया के पैदा होने की वजह गंदा पानी और मिट्टी होती है। इंसान के शरीर में जाने के बाद ये बैक्टीरिया पहले बुखार और सिरदर्द जैसे सामान्य लक्षण दिखता है। जो आगे चलकर गंभीर लक्षणों में बदल जाते हैं। इसके कारण बोलने में परेशानी, धुंधली नजर, चेहरे का टेढ़ापन जैसी गंभीर दिक्कत शुरू हो जाती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि समय पर इलाज ना हो तो ये रोग आपके लिए जानलेवा हो सकता है।
लापरवाही ने ले ली जान
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डेंटल क्लीनिक में सलाइन की बोतल खोलने के लिए पेरियोस्टियल एलीवेटर नाम के सर्जिकल उपकरण का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिसका सामान्य उपयोग सर्जरी के दौरान टिश्यू को हटाने के लिए किया जाता है। संभावना है कि सलाइन की बोतल में किसी तरह बैक्टीरिया ने प्रवेश किया जो इलाज के दौरान मरीजों के मुंह में चला गया और 10 लोगों में संक्रमण का कारण बना। इसके कारण 10 संक्रमित लोगों में से 8 की जान चली गई।
