मायावती की राजनीति में नई पीढ़ी की दस्तक, क्या ईशान आनंद पर खत्म हुई भविष्य की तलाश?

आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाने के बाद अब ईशान को आगे बढ़ाने की बात सामने आई है। मायावती ने खुद संकेत दिया है कि ईशान को सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी और उन्हें राजनीति में आगे बढ़ाया जाएगा।

Ishan Anand: बहुजन समाज पार्टी की राजनीति आज की तारीख एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बसपा का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त कर दिया है। यानी जिस सवाल पर पिछले कुछ दिनों से बसपा की राजनीति के भीतर और बाहर कयास लगाए जा रहे थे, उसका जवाब अब सामने है। ईशान अब केवल मायावती के छोटे भतीजे नहीं हैं। उन्हें पार्टी संगठन में राष्ट्रीय स्तर की औपचारिक जिम्मेदारी मिल गई है। और इस फैसले का महत्व केवल इतना नहीं है कि आकाश आनंद के बाद परिवार की अगली पीढ़ी से किसी सदस्य को जिम्मेदारी मिली है। इसके पीछे बसपा के सामने खड़ी उस बड़ी राजनीतिक चुनौती की कहानी भी है, जिसमें पार्टी को एक साथ संगठन, युवा संवाद और भविष्य के नेतृत्व की तलाश करनी है।

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ईशान आनंद को मिली अहम जिम्मेदारी

आकाश के बाद ईशान का उदय

पिछले कुछ सप्ताह बसपा के लिए असाधारण राजनीतिक घटनाक्रम वाले रहे हैं। आकाश आनंद, जो पहले पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी संभाल चुके थे, अब बसपा से अलग किए जा चुके हैं। मायावती ने उनके साथ अपनी भतीजी दीपिका आनंद को भी पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर रखने का फैसला किया है। 20 सितंबर को मायावती ने स्पष्ट किया था कि आनंद कुमार के परिवार में से केवल ईशान आनंद को ही सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा। अब 23 सितंबर को राष्ट्रीय संयोजक के पद पर उनकी नियुक्ति ने उस संकेत को औपचारिक रूप दे दिया है। यानी कुछ दिनों पहले तक जो नाम संभावित जिम्मेदारी के रूप में सामने आ रहा था, अब वह बसपा के राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी संभालने वाला चेहरा बन चुका है।

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