मॉनसून सत्र 2026: क्यों नहीं हो पा रही बहस, कहां फंसा है पेच, सरकार और विपक्ष के क्या है तकरार

Monsoon Session 2026: संसद का मॉनसून सत्र 2026 शुरू होते ही भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया है। जंतर-मंतर पर NEET और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले चल रहे आंदोलन को विपक्ष का पूर्ण समर्थन मिल चुका है। विपक्ष जहां शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, वहीं सरकार इसे सिर्फ राजनीति बता रही है, जिसके चलते विधायी कामकाज पूरी तरह ठप है।

Monsoon Session 2026: भारत की संसद का मॉनसून सत्र 2026 शुरू होते ही अभूतपूर्व गतिरोध और भारी हंगामे के आगोश में समाता हुआ नजर आ रहा है। संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे हैं, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है। दूसरी तरफ, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है, जिसे अब देश की बड़ी सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों का खुला समर्थन मिल चुका है। आखिर यह पूरा विवाद क्या है, कहां पेच फंसा है और सरकार व विपक्ष के बीच तकरार इतनी क्यों बढ़ गई है? आइए इसे 5 प्रमुख बिंदुओं में बहुत आसान भाषा में समझते हैं।

Parliament Deadlock

आखिर क्यों ठप है संसद? (फोटो: एआई इमेज)

हंगामे की मुख्य वजह

इस पूरे विवाद की जड़ में प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET, UGC-NET आदि) में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाएं हैं। लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। छात्रों का आरोप है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रही है। जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP Protest) के अनोखे विरोध और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने इस आक्रोश को राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है।

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