आरक्षण पर मोदी सरकार पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? लगाए ये 3 गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए ये कहा है कि भाजपा सरकार हर बार आरक्षण की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा की विश्वसनीयता शून्य हो चुकी है। आपको बताते हैं कि आखिर सारा विवाद क्या है। और सपा अध्यक्ष ने क्या कुछ कहा।

Akhilesh Yadav on Reservation Issue: इन दिनों सियासत में आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है। इसी हॉट टॉपिक पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर मोदी सरकार को जमकर खरी खोटी सुनाई है। अखिलेश ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण में उप-वर्गीकरण और ‘क्रीमी लेयर’ के विवाद के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि सरकार हर बार अपने गोलमोल बयानों और मुकदमों के माध्यम से आरक्षण की लड़ाई को कमज़ोर करने की कोशिश करती है। इस दौरान उन्होंने भाजपा और मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

Akhilesh Yadav on Reservation

आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने मोदी सरकार को जमकर कोसा।

1). आरक्षण के मूल सिद्धांत की अवहेलना का आरोप

सपा प्रमुख ने रविवार को 'एक्स' पर अपने एक पोस्ट में कहा, 'किसी भी प्रकार के आरक्षण का मूल उद्देश्य उपेक्षित समाज का सशक्तीकरण होना चाहिए, न कि उस समाज का विभाजन या विघटन। इससे आरक्षण के मूल सिद्धांत की ही अवहेलना होती है।' यादव ने दावा किया, 'अनगिनत पीढ़ियों से चले आ रहे भेदभाव और मौकों की गैर-बराबरी की खाई चंद पीढ़ियों में आए परिवर्तनों से पाटी नहीं जा सकती।'

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