राजनीति की प्रयोगशाला और 'बड़े भाई' कांग्रेस की बेरुखी, 2024 में विपक्ष को कितना साध पाएंगे नीतीश कुमार?

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 30, 2023, 12:53 PM IST

Lok Sabha Election 2024: देश की राष्ट्रीय राजनीति में बिहार को सियासी प्रयोगशाला कहा जाता है और नीतीश कुमार इस प्रयोगशाला के सबसे मेधावी छात्रों में से एक हैं। वह बिहार की राजनीति के साथ तो प्रयोग करते रहते हैं, लेकिन देखना यह होगा कि विपक्ष को एक करने का उनका दांव कितना सटीक बैठता है।

Lok Sabha Election 2024: भारतीय राजनीति में बिहार को सियासी प्रयोगशाला के नाम से जाना जाता है। देश की राष्ट्रीय राजनीति में जितने भी जनआंदोलन हुए, उसकी नींव बिहार से ही पड़ी। महात्मा गांधी का चम्पारण सत्याग्रह हो या फिर जय प्रकाश नारायण का छात्र आंदोलन। ये बिहार से ही शुरू हुए और देश की सियासत को बदल कर रख दिया।

राजनीति की प्रयोगशाला और 'बड़े भाई' कांग्रेस की बेरुखी, 2024 में विपक्ष को कितना साध पाएंगे नीतीश कुमार?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार फिर ऐसी ही कोशिश कर रहे हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। ऐसे में वह टूटे और बिखरे विपक्ष को एकमत करने का प्रयास कर रहे हैं। वह इसमें कितने सफल होंगे, यह तो भविष्य ही बताएगा। लेकिन नीतीश कुमार की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रियता बड़ी विपक्षी पार्टियों और तो और भाजपा को परेशान जरूर कर रही है। यह हो भी क्यों न...क्योंकि बिहार अगर राजनीति की प्रयोगशाला है तो नीतीश कुमार इस प्रयोगशाला के सबसे मेधावी छात्रों में से एक हैं। ऐसे में उनका यह प्रयोग कितना सफल होगा? विपक्ष में कांग्रेस की भूमिका क्या होगी? नीतीश कुमार की महात्वाकांक्षाएं क्या हैं? और वह बड़ी पार्टियों को कितना साध पाएंगे? ऐसे सभी सवालों के जवाब आगे पढ़िए...

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