क्या होती है प्राइवेट आर्मी, अमेरिका जैसा ताकतवर देश भी लेता रहा है वैगनार जैसे ग्रुप का सहारा

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 26, 2023, 01:34 PM IST

Private Military Contractor: वैगनर ग्रुप की तरह दुनिया में ऐसे कई छोटे और बड़े प्राइवेट मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर (PMC)हैं जो पैसों के लिए दुनिया के युद्धग्रस्त एवं संकटग्रस्त हिस्सों में मिशन चला रहे हैं। इनमें से कुछ पीएमसी को अमेरिका, रूस और ब्रिटेन जैसे ताकतवर देशों का समर्थन मिला हुआ है तो कुछ अफ्रीका के कुछ देशों के लिए काम कर रहे हैं।

Private Military Contractor: रविवार को वैगनर ग्रुप अचानक से चर्चा में आ गया। इस प्राइवेट आर्मी के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने रोस्तोव शहर पर नियंत्रण करने के बाद उसने मास्को की तरफ बढ़ने की घोषणा की और धमकी दी कि उसके रास्ते में जो कोई भी आएगा उसे वह तबाह एवं बर्बाद कर देगा। रूस के कई शहरों में उसके लड़ाके दाखिल होना शुरू हुए। हालांकि, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद प्रिगोझिन ने अपना इरादा बदल दिया। रिपोर्टों के मुताबिक बेलारूस के राष्ट्रपति के दखल के बाद वैगनर ग्रुप के तेवर शांत पड़ गए और उसने वापस बेलारूस जाने की घोषणा की।

Wagner Group

वैगनर ग्रुप में करीब 60 हजार लड़ाके हैं।

2014 में अस्तित्व में आया वैगनर ग्रुप

दो दिन पहले तक गुमनाम रहने वाला पिगोझिन रूस की सेना को ललकारने के बाद अचानक से चर्चा में आ गया लेकिन इसका संगठन वैगनर पुराना है। इससे पहले वैगनर ग्रुप यूक्रेन के बाखमुत शहर पर कब्जा करने के बाद सुर्खियों में आया था। इसका गठन 2014 में क्रीमिया युद्ध के समय हुआ। बताया जाता है कि क्रीमिया को रूस में मिलाने में प्रिगोझिन के इस समूह की भी भूमिका रही। इसके बाद यह ग्रुप कई वर्षों तक गुमनामी में रहा।

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