मणिपुर में मैतेई और कुकी के बीच आखिर किस बात की है लड़ाई? 10 पॉइंट में समझिए सबकुछ

Kuki vs Meitei: क्या आप ये जानते हैं कि आखिर मणिपुर में बार-बार हो रही हिंसा की असल वजह क्या है? कुकी और मैतेई कौन हैं और इन दोनों समुदायों के बीच का असल विवाद क्या है? मणिपुर के हालात एक बार फिर बिगड़ रहे हैं और हिंसा का माहौल पनप चुका है। आपको 10 पॉइंट में सबकुछ समझाते हैं।

Manipur Violence in 10 Point: आखिर क्यों मणिपुर में बार-बार हिंसा पनपने लग रही है, बार-बार बवाल हो रहा है और सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इस तरह की हिंसा पर पूर्णविराम कब लगेगा? एक बार फिर मणिपुर में हालात उस वक्त बिगड़ने लगे, जब लापता हुए छह में से तीन लोगों के शव नदी के पास बरामद हुए। क्या आप जानते हैं कि आखिर कुकी और मैतेई समुदाय कौन हैं और इन दोनों के बीच आखिर असल विवाद क्या है? मणिपुर का सबसे बड़ा समुदाय- मैतेई है, जिसका सूबे की राजधानी इंफाल में प्रभुत्व माना जाता है। वहीं कुकी पहाड़ी जनजातियों में से एक है। आपको इस लेख में दोनों के बीच छिड़े विवाद से जुड़ी हर छोटे-बड़े पहलुओं से 10 पॉइंट में रूबरू करवाते हैं।

Manipur, Kuki vs Meitei

मणिपुर में मैतेई और कुकी के बीच क्यों है लड़ाई?

1). कौन है मैतेई समुदाय?

मैतेई ही मणिपुर का सबसे बड़ा समुदाय है, राज्य की राजधानी इंफाल में जिसका बड़ा प्रभुत्व माना जाता है। आमतौर पर इन्हें ही मणिपुरी कहा जाता है। मैतेई की जनसंख्या का जिक्र किया जाए, तो 2011 की जनगणना के अनुसार मणिपुर की आबादी का 64.60 फीसदी हिस्सा मणिपुरी यानी मैतेई का है। इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि इतनी संख्या होने के बावजूद मणिपुर की भूमि के करीब 10 फीसदी हिस्से पर ही उनका कब्जा है। इस समुदाय के ज्यादातर लोग हिंदू हैं, जबकि कुकी और नागा मुख्य रूप से ईसाई हैं। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक साल हिंदुओं और ईसाइयों की मणिपुर में आबादी करीब 41 फीसदी है।

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