Explained: अब भारत में इलेक्ट्रिक सड़कों की चर्चा ने पकड़ा जोर, समझिए ये क्या है, कैसे करता है काम

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 8, 2023, 11:57 AM IST

दुनिया भर में कई कंपनियां इलेक्ट्रिक सड़कों पर काम कर रही हैं, जिनमें वोक्सवैगन और वोल्वो भी शामिल हैं। स्टॉकहोम, स्वीडन और डेट्रॉइट, अमेरिका में प्रयोग के तौर पर इलेक्ट्रिक सड़कें बनाई गई हैं।

Electric Roads: इलेक्ट्रिक सड़कें तेजी से चर्चा का विषय बनती जा रही हैं, लेकिन ये क्या हैं और कैसे काम करती हैं? इलेक्ट्रिक सड़कें इलेक्ट्रिक वाहनों की सीमित सीमा और चार्जिंग समय की समस्याओं का एक संभावित समाधान हैं, खासकर लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। इलेक्ट्रिक सड़कों ने भारत सरकार और वोक्सवैगन और वोल्वो सहित दुनिया भर की कई कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी नए-नए प्रयोग लागू करने के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने भारत में इलेक्ट्रिक सड़कों की चर्चा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कई मौकों पर इलेक्ट्रिक सड़कों के बारे में बात की है और फिलाहल टाटा सहित कुछ कंपनियों के साथ इलेक्ट्रिक सड़कों की संभावना पर बातचीत कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि ऐसी सड़कें परिवहन के लिए बेहतर विकल्प प्रदान कर सकती हैं।

Electric Roads

इलेक्ट्रिक सड़कों पर चर्चा तेज (Freepik)

पर्यावरण-अनुकूल होने की वजह से लोकप्रिय

इलेक्ट्रिक वाहनों के दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल करने का मुख्य कारण इनका पर्यावरण-अनुकूल होना है। पेट्रोल या डीजल से चलने वाले पारंपरिक वाहनों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे वायु प्रदूषण करते हैं। ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के कारण दुनिया कार्बन उत्सर्जन को कम करने की कोशिशों में जुटी है। सरकारें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही हैं क्योंकि वे बिल्कुल भी धुआं नहीं छोड़ते हैं।

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