'Hands Off!': एलन मस्क के लिए इम्तिहान की घड़ी, आपदा और अवसर दोनों साथ साथ

मस्क के चाहने वाले मानते हैं कि डीओजीई की सिफारिशों के तले 10 फीसदी सरकारी खर्चों में कटौती करके वो सही राह पर मुल्क को आगे ले जा रहे हैं। फिलहाल के समीकरण को देखकर यहीं लगता है कि अगर डीओजीई कमजोर हुआ और ये आंदोलन लंबा खींचा तो उनकी छवि को नुकसान पहुंचना तय है।

बीते हफ्ते दुनिया ने देखा कि अमेरिकी किस कदर अपने आजाद आवाज के लिए लामबंद हुए। मुल्क के 50 सूबों में गुस्से को लहर देखी गयी। ‘हैंडस ऑफ’ के बैनर तले अमेरिकी एकजुट हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की। कई मसलों जैसे गिरती इकोनॉमी, शरणार्थियों के निर्वासन, हेल्थ फंड में कटौती, नौकरियों से छंटाई और ट्रांसजेंडरों को लेकर बढ़ती राजकीय अंसवेदनशीलता पर लोगों ने ट्रंप की जमकर मुखालफत और मजम्मत की, साथ ही एलन मस्क को भी कटघरे में खड़ा किया। अमेरिकी आवाम का मानना है कि ट्रंप सिर्फ चेहरा हैं, खेल की असली बिसात मस्क की बिछाई हुई है। बढ़ते दबाव के बीच खबरें ये भी छनकर आ रही हैं कि ट्रंप प्रशासन में मस्क की भूमिका जल्द सीमित हो सकती है। मौजूदा अमेरिकी प्रशासन में एलन मस्क पिछले दरवाज़े से डिपार्टमेंट ऑफ गर्वनमेंट एफिशियंसी (डीओजीई) की कमान संभाले हुए हैं। इस महकमे के तले कई कथित बड़ी सियासी पहल की गयीं, इस फेहरिस्त में कई विवादित नियुक्तियां भी शुमार है। डिपार्टमेंट ऑफ गर्वनमेंट एफिशियंसी की सिफारिश पर कई अहम ओहदे कम काबिल/गैर जिम्मेदार लोगों को दिए गए जिसे लेकर अमेरिकी आवाम में खासा नाराजगी है।

Hands Off

अमेरिका में ट्रंप और मस्क की जोड़ी के खिलाफ प्रदर्शन

मस्क की चौतरफा मजबूत पहुंच

सियासी भंवर में फंसे मस्क इस अंधड़ से कैसे पार पायेंगे, ये देखने वाली बात होगी। फिलहाल ये बात पुख्ता है कि अगर वो अपनी भूमिका ट्रंप प्रशासन में पूरी तरह से खत्म कर लेते हैं तो वो अमेरिकियों के लिए ऐसी तबाही छोड़कर जायेगें जो कि उनकी दिमाग की उपज डीओजीई से कहीं ज्यादा खतरनाक होगा। मौजूदा दौर में मस्क की पहुंच अंतरिक्ष, वेब और ऑफलाइन हर जगह है। यानि कि ओवल हाउस से लेकर प्वाइंट निमो तक वो अपनी ताकत का असर छोड़ने की कुव्वत रखते है। ऐसे में साफ है कि उन्हें खफा करने का मतलब इंटरनेट, इकोनॉमी, पॉलिटिक्स और स्पेस मिशन से वो अपने हाथ पीछे सकते हैं, इससे दुनिया की रफ्तार थम सी सकती है।

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