Operation Sindoor: नैरेटिव की भी जंग हारा पाकिस्तान, नई दिल्ली के सामने नहीं चली पाकिस्तानी दुष्प्रचार की साजिशें

Operation Sindoor: 7 मई से लेकर अब तक पाकिस्तान अपने दुष्प्रचार का इंद्रजाल बुनना जारी रखे हुए है। जब भारत की मिसाइलें आंतकी ठिकानों पर कहर बरपा रही थी तो पाकिस्तान इसे जंग की कार्रवाई करार दिया, इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत ने दुनिया के सामने सबूत पेश किया और बताया कि ये युद्ध नहीं बल्कि आंतकी ठिकानों पर हथियारबंद कार्रवाई है।

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तानी हुक्मरानों के पांवों तले जमीन गर्म कर दी। इस तपिश के चलते उन्हें अपना वजूद खतरे में लगने लगा। नई दिल्ली की इस कड़ी जंगी कार्रवाई के जवाब में अपनी आवाम़ की झूठी तसल्ली देने के लिए रावलपिंडी के जनरलों ने ऑपरेशन बनयान-उम-मर्सूस छेड़ा। नई दिल्ली के आक्रामक रवैये को देखते हुए कई पश्चिमी ताकतों ने दांतों तले उंगली दबा ली। जहां एक ओर पाकिस्तान के पैर जंगी जमीन से उखड़ रहे थे, वहीं दूसरी ओर वेब स्पेस/डिजिटल दुनिया में भी इस्लामाबाद लगातार मुंह की खा रहा था। भारत के हमलों का जवाब पाकिस्तान एक्स प्लेटफॉर्म पर अपने घटिया नैरेटिव और प्रौपेगेंडा से दे रहा था। भारतीय सेना ने जिस तरह से पाक के नापाक इरादों को उधेड़ा उसे दुनिया भर ने देखा, लेकिन ऑप्रेशन सिंदूर का नेपथ्य वाला हिस्सा डिजिटल दुनिया में अंजाम दिया गया। यानी कि इस किस्से की बानगी का दूसरा हिस्सा लगभग सभी से छिपा हुआ है, ये हैं इस्लामाबाद की ओर से जारी मीम्स, हैशटैग्स, फर्जी ट्रैंडस, उनके डिबेट्स शोज और सुर्खियां। पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों से ज्यादा खतरनाक ये थे। इन्हें ध्वस्त करने में भारतीय मीडिया, PIB और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शानदार काम किया। पाकिस्तानी मीडिया ने अपनी हार की हर पटकथा को दिलेरी की लबादे में लपेटा। शिकस्त की हर तस्वीर को ISPR ने सियासी रंग देकर आम पाकिस्तानी आवाम के सामने रखा। कुल मिलाकर उसने अपने फ्लॉप शो को हिट कराने की लगातार नाकाम कोशिश की।

Operation Sindoor

नई दिल्ली के सामने नहीं चली पाकिस्तानी दुष्प्रचार की साजिशें

पस्त हुआ, पाकिस्तानी एजेंडा

7 मई से लेकर अब तक पाकिस्तान अपने दुष्प्रचार का इंद्रजाल बुनना जारी रखे हुए है। जब भारत की मिसाइलें आंतकी ठिकानों पर कहर बरपा रही थी तो उसने इसे जंग की कार्रवाई करार दिया, इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत ने दुनिया के सामने सबूत पेश किया और बताया कि ये युद्ध नहीं बल्कि आंतकी ठिकानों पर हथियारबंद कार्रवाई है। नई दिल्ली को बदनाम करने के लिए शहबाज़ शरीफ बार-बार "एक्ट ऑफ़ वॉर" का माला जपते रहे लेकिन दुनिया के सामने सच्चाई आ चुकी थी कि किस तरह भारतीय मिसाइलों ने आंतकी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया है। जिन बेबुनियादी विजुअल्स और ग्राफिक के दम पर इस्लामाबाद भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहा था, उसकी नंगी हकीकत उस पर खुद भारी पड़ गयी। इसे लेकर अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय भारत के पक्ष में लामबंद होने लगा। नई दिल्ली को मजहबी तौर पर असहिष्णु और आक्रामक दिखाने की पाकिस्तानी कोशिशें बेनूर हो गयी।

End of Feed