MLC Election Result 2026: देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजे सामने आ रहे हैं। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पलड़ा भारी रहा है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) को दो सीटों पर जीत मिली, तो बिहार में जन सुराज पार्टी ने अपना खाता खोल लिया है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को भी एक सीट पर जीत मिली है। अलग-अलग राज्यों में हुए चुनावों के नतीजों पर नजर डालने से पहले विधान परिषद से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात जानना जरूरी है।
भारत के कुछ राज्यों में विधानसभा के अलावा विधान परिषद (Legislative Council) भी होती है, जो राज्य विधानमंडल का दूसरा सदन है। इसके सदस्यों का चुनाव विधानसभा चुनावों से अलग तरीके से होता है। विधान परिषद की सीटों के प्रकार के अनुसार शिक्षक, स्नातक, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि और विधायक मतदान करते हैं। कुछ सदस्यों को राज्यपाल भी मनोनीत करते हैं।
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उत्तर प्रदेश में क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश की 11 MLC सीटों पर चुनाव हुआ। 28 अक्टूबर को उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, छह सीटों के नतीजे घोषित हो चुके थे। इनमें BJP ने चार और समाजवादी पार्टी ने दो सीटें जीती थीं।
बीजेपी को कहां मिली जीत?
मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा, मेरठ स्नातक सीट से दिनेश कुमार गोयल, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों विजयी हुए।
सपा को कहां मिली कामयाबी?
समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव को वाराणसी शिक्षक सीट से और डॉ. आकाश अग्रवाल को आगरा शिक्षक सीट से जीत मिली।
MLC Election Result:
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले का 'लिटमस टेस्ट'
बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए वहां के MLC नतीजों पर खास नजर है। BJP और SP के बीच मुकाबला दोनों दलों के लिए अपने स्थानीय संगठन और मतदाता संपर्क का आकलन करने का अवसर है। लेकिन विधान परिषद के चुनाव और विधानसभा चुनावों के बीच बड़ा अंतर है।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में केवल पात्र एवं पंजीकृत मतदाता वोट डालते हैं। विधानसभा चुनावों में आम मतदाता मतदान करते हैं। उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय मुद्दे और चुनावी संगठन MLC चुनावों के नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन परिणामों को पूरे राज्य की लोकप्रियता का सीधा पैमाना नहीं माना जा सकता।
बिहार में जन सुराज की पहली जीत, RJD ने BJP को दिया झटका
बिहार की आठ MLC सीटों में से चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे घोषित हुए। यहां मुकाबले में BJP, RJD, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। जन सुराज पार्टी ने बिहार विधान परिषद चुनाव में अपना खाता खोला। उसके उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया।
BJP उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने तिरहुत शिक्षक सीट जीती। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा को हराया। JD(U) के नीरज कुमार ने पटना स्नातक सीट पर भी RJD उम्मीदवार को हराया है। बता दें कि JD(U) से निष्कासित किए गए अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार किया था।
अनुज सिंह की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने बुधवार को कहा, "अनुज सिंह हार गए हैं. अब तीसरे या चौथे स्थान पर रहें इसके कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है. मतगणना पूरी हो चुकी है. यह साफ़ है कि वह हार गए हैं. जनता ही मालिक है, वह भगवान के समान है. जनता जिसे चुनती है, वही जीतता है और जिसे नहीं चुनती, वह हार जाता है।"
हाल ही में पार्टी से अपने निष्कासन और पार्टी नेतृत्व के साथ अपने संबंधों पर उन्होंने कहा, "पार्टी ही सर्वोच्च है। जो भी होता है, वह पार्टी का फ़ैसला होता है। मैंने पार्टी के लिए ऐसा कोई योगदान नहीं दिया है, जिसके आधार पर मैं उस पर अपना दावा जता सकूं।"
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पटना शिक्षक सीट पर RJD के डॉ. संजीव कुमार ने BJP के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को हराया। तिरहुत शिक्षक सीट BJP के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीती, जबकि सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज विजयी हुए।
कर्नाटक: BJP-JD(S) गठबंधन का क्लीन स्वीप
कर्नाटक की चार MLC सीटों पर BJP-JD(S) गठबंधन ने जीत दर्ज की। राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी चारों सीटें हार गई। BJP ने तीन सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा, जबकि JD(S) ने बेंगलुरु शिक्षक सीट कांग्रेस से छीन ली।
उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में BJP ने जीत हासिल की। बेंगलुरु शिक्षक सीट पर JD(S) उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा MLC पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट मिले। गौरतलब है कि कर्नाटक में सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस का एक भी सीट नहीं जीत पाना पार्टी के संगठन और चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े करता है।
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महाराष्ट्र में पांच सीटों पर मतगणना जारी
महाराष्ट्र की पांच MLC सीटों पर BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच मुकाबला था। 28 अक्टूबर को उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, सभी पांच सीटों के अंतिम नतीजे घोषित नहीं हुए थे। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में BJP के सुधाकर कोहले कांग्रेस के मौजूदा MLC अभिजीत वंजारी से आगे चल रहे थे। अमरावती शिक्षक सीट पर शिवसेना के किरण सरनाईक भी बढ़त बनाए हुए थे।
बैलेट पेपर से हुए चुनाव, फिर भी कांग्रेस हुई परास्त
बता दें कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि देश में चुनाव EVM की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएं। हालांकि, विधान परिषद सदस्यों के इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। इन चुनावों में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। इन नतीजों से कांग्रेस के स्थानीय संगठन, उम्मीदवार चयन और शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के बीच समर्थन को लेकर सवाल उठते हैं।
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इस पर BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के नतीजे आ चुके हैं और कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न तो बिहार में जीती, न उत्तर प्रदेश में और न ही किसी उपचुनाव में। चाहे चुनाव बैलेट पेपर से हो या ईवीएम से, कांग्रेस को कहीं भी वोट नहीं मिल रहे हैं। फिर भी राहुल गांधी शोर मचाते रहते हैं। बेहतर होगा कि पूरे देश में बयानबाजी करने के बजाय वे अपनी पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान दें।
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संगठन और स्थानीय पकड़ का इम्तिहान
बीजेपी के लिए कर्नाटक में तीन सीटें जीतना और जेडीएस के साथ मिलकर चारों सीटों पर कब्जा करना प्रमुख उपलब्धि रही। उत्तर प्रदेश में भी शुरुआती घोषित नतीजों में पार्टी ने कई सीटें जीतीं। ये नतीजे संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के संगठन और स्थानीय समर्थन के संकेत देते हैं। लेकिन यूपी में समाजवादी पार्टी की जीत यह भी बताती है कि बीजेपी के सामने राजनीतिक चुनौती मौजूद है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों से पार्टियों को स्थानीय संगठन, उम्मीदवारों और मतदाता संपर्क की स्थिति समझने का मौका मिलेगा।
