भारत विरोधी रुख को और मजबूत करेगा मुइज्जू का चीन दौरा, बार-बार तेवर दिखा रहे मालदीव के राष्ट्रपति

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jan 4, 2024, 12:29 PM IST

Maldives President Mohamed Muizzu : चीन के प्रति उनके झुकाव के सवाल पर राष्ट्रपति ने कहा कि वह केवल मालदीव के हितों का पालन करने के लिए बीजिंग दौरे पर जा रहे हैं। खास बात यह है कि मालदीव में लोकतांत्रिक रूप से जो भी नया राष्ट्रपति चुना जाता है, पारंपरिक रूप से उसका पहला आधिकारिक दौरा भारत का होता है

Maldives President Mohamed Muizzu : मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मोहम्मद मुइज्जू लगातार भारत के हितों के खिलाफ जाकर बयान दे रहे हैं। उनकी कार्यशैली और बयान दोनों देशों के ऐतिहासिक एवं दोस्ताना रिश्ते के लिए ठीक नहीं माना जा रहा है। मुइज्जू ने एक बार फिर तेवर दिखाते हुए भारत की मददगार पहल पर सवाल उठाए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के खास साथ बातचीत में मुइज्जू ने कहा है कि हिंद महासागर के इस द्वीप से भारत अपने सैन्यकर्मियों को नहीं हटा रहा है। सैन्य दल को वापस न बुलाना मालदीव के लोगों की 'लोकतांत्रिक भावना' के प्रति असम्मान प्रकट करने जैसा होगा। भारतीय सैनिक यदि मालदीव में रहते हैं तो देश का 'लोकतांत्रिक भविष्य खतरे' में पड़ जाएगा।

Mohamed Muizzu

चीन के दौरे पर जाने वाले हैं मालदीव के राष्ट्रपति।

बातचीत से मसला सुलझाने का जताया भरोसा

इस बातचीत में मुइज्जू ने हालांकि कहा कि मालद्वीव में भारतीय सैनिकों की स्थायी उपस्थिति नहीं है। भारत के साथ रक्षा सहयोग की उन्होंने तारीफ की। खासकर मालदीव में भारत के सहयोग से बनने वाले नेशनल डिफेंस फोर्स का उन्होंने जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि यह सहयोग आपसी सम्मान एवं विश्वास पर आधारित है। मुइज्जू ने भरोसा जताया कि सैन्य मौजूदगी का मुद्दा बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मालदीव में विदेशी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी देश के संविधानिक मूल्यों के खिलाफ है।

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