Ram Mandir Pran Pratishtha: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से कांग्रेस की दूरी, चुनावी नफा-नुकसान और मजबूरी?

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jan 15, 2024, 04:54 PM IST

Congress Keeps distance from Pran Pratishtha: राजनीति के जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने कार्यक्रम में न जाने का फैसला बहुत ही गुणा-गणित एवं वोटों के समीकरण की समीक्षा करने के बाद लिया होगा। पार्टी को लगा होगा कि कार्यक्रम में न जाकर उसे चुनाव में ज्यादा फायदा और नुकसान सीमित होगा।

Congress Keeps distance from Pran Pratishtha: राम लला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने से इंकार करने के बाद कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशाने पर है। कांग्रेस के नेता भी कार्यक्रम का न्योता ठुकराने पर असहज हैं और इस फैसले की आलोचना की है। भाजपा इसे कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता के रूप में जोड़कर उस पर हमले कर रही है। भाजपा के चौतरफा हमले को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी सफाई पेश की। उसने कहा कि यह भाजपा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्यक्रम है और उसने अपने नेताओं को वहां जाने से मना किया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा राम मंदिर का राजनीतिकरण करना और चुनाव में इसका फायदा लेना चाहती है।

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राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं जाएगी कांग्रेस।

जाहिर है कि कार्यक्रम में न जाने का फैसला कर कांग्रेस ने भाजपा को एक बड़ा चुनावी मुद्दा दे दिया है। भाजपा राम मंदिर के मुद्दे को चुनाव में लेकर जाएगी और यह बताएगी कि कांग्रेस सनातन विरोधी पार्टी है। इससे भाजपा को चुनाव में फायदा और कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। हालांकि, राजनीति के जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने कार्यक्रम में न जाने का फैसला बहुत ही गुणा-गणित एवं वोटों के समीकरण की समीक्षा करने के बाद लिया होगा। पार्टी को लगा होगा कि कार्यक्रम में न जाकर उसे चुनाव में ज्यादा फायदा और नुकसान सीमित होगा।

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