International Labour Day 2025: क्यों मनाया जाता है मई दिवस, मेहनतकश मजदूरों से क्या है नाता

May Day Or International Labour Day 2025: हर साल की तरह इस साल भी मजदूर दिवस मनाया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई को ही क्यों मनाया जाता है। यहां जानिए मेहनतकश मजदूरों के संघर्ष का इतिहास। कैसे काम के घंटे को 18 घंटे से 8 घंटे तक हुआ।

May Day Or International Labour Day 2025 : 1 मई को दुनिया भर के करोड़ों मेहनतकशों के लिए खास दिन है। यह दिन उनकी मेहनत, संघर्ष और शोषण के खिलाफ लड़ी गई लड़ाई का प्रतीक बन गया है। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (Labour Day) के रूप में मनाया जाता है। मजदूर दिवस न केवल मजदूरों के संघर्ष की याद दिलाता है, बल्कि यह उनके अधिकारों की रक्षा और बेहतर जीवन की ओर एक कदम और बढ़ने का दिन है। यह दिन हमें यह सिखाता है कि अगर संघर्ष किया जाए तो किसी भी शोषणकारी व्यवस्था को बदला जा सकता है

International Labour Day 2025

एक मई को मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस

मजदूरों की शोषण के खिलाफ पहली आवाज

औद्योगिक क्रांति के बाद फैक्ट्रियां खुली और उत्पादन के लिए मजदूरों की जरुरत बढ़ी। हालांकि, इन मजदूरों के काम के घंटे तय नहीं थे और उन्हें 18 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। उनका शोषण इस हद तक बढ़ गया था कि वे कारखानों में ही रहने के लिए बाध्य थे। इस स्थिति के खिलाफ असंतोष फैलने लगा और मजदूरों ने अपनी आवाज उठानी शुरू की।

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