Explainer: 2029 तक 50 हजार करोड़ का डिफेंस एक्सपोर्ट का लक्ष्य, भारत कैसे बन रहा हथियार निर्माण का हब?

अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए कभी आयात पर बहुत अधिक निर्भर रहने वाला भारत अब 80 से अधिक देशों को सैन्य हार्डवेयर निर्यात कर रहा है, क्या है भारत का लक्ष्य जानिए।

India Defence Export: पिछले एक दशक से चल रही भारत की रक्षा तैयारियां अब रंग दिखा रही हैं। हालिया ऑपरेशन सिंदूर ने बताया कि भारत ने हथियार निर्माण मामले में किस कदर तरक्की की है। भारत के स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम में पाकिस्तान को धूल चारने पर मजबूर कर दिया। भारत कुश, स्वदेशी क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (QRSAM) जैसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। हथियारों के लिए दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता कम हो रही है। कुछ वर्षों में भारत ने हथियार निर्माण और निर्यात में बड़ी सफलता हासिल कर दुनिया का ध्यन खींचा है। किस मकसद के तहत भारत आगे बढ़ रहा है, आइए जानते हैं।

Indian arms

भारत ने दिखाई दुनिया को ताकत

रक्षा क्षेत्र में निर्यात में छलांग

बात करें निर्यात की तो भारत के रक्षा क्षेत्र ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि वित्त वर्ष 2024-25 में देश का रक्षा निर्यात बढ़कर 23,622 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष के 21,083 करोड़ रुपये के आंकड़े से 12.04 प्रतिशत अधिक है। भारत के रक्षा बलों में स्वदेशीकरण कई दशकों से चल रहा है, लेकिन पिछले 11 वर्षों में इसमें तेजी देखी गई है, जिसके साथ देश अब रक्षा निर्माण में शीर्ष वैश्विक खिलाड़ियों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

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