इक्के वाले का लड़का कैसे बना ए गैंग का मुखिया, अतीक अहमद के काले कारोबार का किस्सा

  • Authored by: मनीष यादव
  • Updated Mar 22, 2023, 11:32 AM IST

Atiq Ahmed Story: अपराध की दुनिया में अतीक अहमद हमेशा से चर्चा के केंद्र में हुआ करता था। लेकिन इस दफा चर्चा में वो दो वजहों से आया। आरोप है कि साबरमती जेल में बंद रहते उसने उमेश पाल की हत्या करा दी और दूसरी वजह जब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव से विधानसभा में कहा कि अपराधी कोई भी हो मिट्टी में मिला देंगे। यहा पर हम विस्तार से अतीक अहमद की अतीत से लेकर वर्तमान की जानकारी देंगे कि कैसे इक्केवाले का लड़का जरायम की दुनिया का बड़ा नाम बन गया।

KEY HIGHLIGHTS
  • उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद का नाम
  • प्रयागराज के चकिया का रहने वाला
  • यूपी सरकार की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति जब्त

Atiq Ahmed Story: जरायम की दुनिया के इतिहास को खंगाल कर देखे तो कातिलों की एक बड़ी फेहरिस्त नजर आती है अतीक अहमद का नाम इसी फेहरिस्त में सबसे ऊपर लिखा हुआ है। अतीक के अतीक बनने का सफर जितना दिलचस्प है उतना ही लंबा रहा है। क्षेत्रीय पार्टियों के सहारे खादी पहन कर सियासी राह थाम अतीक ने खुद को खाकी की पकड़ से इतना दूर कर लिया कि पुलिस अतीक पर कार्यवाही करना तो दूर उसकी जी हुजूरी में लगी रहती थी । हुकूमत से हासिल रियायत और खाकी से मिली सहूलियत के दम पर इस सफेदपोश माफिया ने अवैध रूप से एक बड़ा साम्राज्य बना लिया था ।

atique ahmed

यूपी की कुख्यात बदमाश साबरमती जेल में बंद

साल-1986, जगह-इलाहाबाद, इलाका- चकिया

नए लड़कों की फौज जमकर उधम काट कर रही थीऔर उनका कप्तान लगातार इलाके में पकड़ बना रहा था।जिन पुलिस वालों के कांधे पर चढ़कर गुंडई का एवरेस्ट छूने की कोशिश वो 24 बरस का लड़का कर रहा था।अब उसी लड़के को खाकी की फौज ढूंढ रही थी।वो लड़का पुलिस के हत्थे चढ़ता है।पुलिस उसकी खातिरदारी का इंतज़ाम कर ही रही थी।कि तभी फोन की घण्टी बजती है।ट्रिंग ट्रिंग।और फिर उस लड़के को छोड़ दिया जाता है।वो फोन दिल्ली से आया था।पंजा छाप पार्टी के सांसद की मेहरबानी हो गयी थी।और जिस पर मेहरबानी हुई थी।उसी लड़के ने जरायम की दुनिया से लेकर राजनीति के गलियारे में जमकर कांड किए।और एक कांड से तो योगी सरकार तक हिल गई। 70 का दशक था। संगमनगरी तब प्रयागराज नहीं इलाहाबाद हुआ करती थी।ओला उबर का जमाना नहीं था।तांगे चलते थे इनमें से एक तांगे वाला था फिरोज जिसका लड़का अतीक रातों रात अमीर बनने। रुतबे और रुबाब का ख्वाब देखता था।पढ़ने लिखने में मन नहीं लगता था।तो हाईस्कूल की परीक्षा में फेल हो गया।लेकिन रुतबे रुबाब का ड्रीम नहीं टूटा।17 बरस की उम्र में तांगे वाले के लड़के अतीक ने कांड कर दिया।

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