Trump 2.0 : डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं। यह उनका दूसरा कार्यकाल है। शपथ लेने से पहले ही ट्रंप ने बड़े फैसले लेने के अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस संभालते ही वह इमिग्रेशन, एनर्जी और फेडरल कामकाज पर एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति कार्यालय में पहले दिन ही वह करीब 100 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करेंगे। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर ऑर्डर बाइडेन सरकार के फैसलों को या तो खत्म करने वाले या उन्हें पलटने वाले होंगे। अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन ट्रंप कौन-कौन से फैसले लेने जा रहे हैं, इसका इंतजार केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया कर रही है।
राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप का यह दूसरा कार्यकाल।
स्टीफन मिलर ने फैसलों के बारे में दिए संकेत
ट्रंप प्रशासन में नीति निर्माण पर डिप्टी चीफ का पद संभालने जा रहे स्टीफन मिलर ने रविवार दोपहर रिपब्लिकन नेताओं के साथ फोन पर बातचीत की और इस बातचीत में उन्होंने फैसलों के बारे में संकेत दिए। सांसदों से बातचीत में मिलर ने इमिग्रेशन पर बड़े फैसले की तरफ इशारा किया। रिपोर्टो में कहा गया है कि ट्रंप मैक्सिको बॉर्डर पर आपात स्थिति लागू कर सकते हैं।
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ड्रग कार्टेल पर कर सकते हैं करारा वार
यही नहीं ट्रंप ड्रग कार्टेल पर भी करारा वार कर सकते हैं। वह विदेशी ड्रग कार्टेल समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित और अपने पहले कार्यकाल के माइग्रेंट प्रोटेक्शन पोटोकॉल पॉलिसी को बहाल करने के लिए कह सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले रविवार को अपने आवास पर आयोजित रात्रिभोज में अपने सहयोगियों एवं चंदा देने वाले लोगों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि कार्यालय का पद भार ग्रहण करने के कुछ घंटों के भीतर वह दर्जनों एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करेंगे। इनकी संख्या करीब 100 होगी। इनमें से कई के बारे में वह सोमवार को विस्तार से बताएंगे।
पटल सकते हैं बाइडेन के फैसले
ट्रंप ने कहा, 'मैं अपनी कलम से बाइडेन प्रशासन के दर्जनों विध्वंसकारी और चरमपंथी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर एवं नीतियों को पलट दूंगा।' हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। इसके अलावा ट्रंप संघीय सरकार के कामकाज और उसके तौर-तरीकों पर काट-छांट वाला फैसला कर सकते हैं।
ऊर्जा सेक्टर पर ले सकते हैं बड़ा फैसला
इसमें संघीय कर्मचारियों की नौकरी को सुरक्षित रखने वाला बाइडेन प्रशासन का निर्णय भी है। 2020 चुनाव से ठीक पहले ट्रंप ने नौकरियों में कटौती वाला एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था लेकिन बाइडेन ने आते ही इस आदेश को अवैध घोषित कर दिया। यही नहीं, एलन मस्क और विवेक गोस्वामी की अगुवाई वाले डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियंसी की सिफारिशों को ट्रंप लागू कर सकते हैं। जानकारों का मानना है कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी ट्रंप बड़ा फैसला कर सकते हैं। देश में घरेलू ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने के लिए वह नियम एवं कानून में बदलाव की घोषणा कर सकते हैं।
हर संकट का समाधान करूंगा-ट्रंप
ट्रंप ने अपने शपथग्रहण की पूर्व संध्या पर अपने समर्थकों और देशवासियों से वादा किया कि वह अमेरिका के सामने आने वाले हर संकट को दूर करने के लिए तेजी से कार्य करेंगे। ट्रंप ने ‘कैपिटल वन एरिना’ स्टेडियम में अपने समर्थकों से कहा, ‘कल से मैं तेजी से और मजबूती से काम करूंगा तथा हमारे देश के सामने आने वाले हर संकट का समाधान करूंगा। हमें यह करना ही होगा।’
ट्रंप की जीत के जश्न में स्टेडियम में ‘मेक अमेरिका ग्रेट’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। स्टेडियम की क्षमता 20,000 लोगों की है जो दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था, इसके अलावा कड़ाके की ठंड में बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम के बाहर जमा थे।
