Explained: दुर्लभ मिनरल को लेकर चीन की नापाक चाल, जानिए भारत कैसे कर रहा जवाब देने की तैयारी

भारत सरकार ने जनवरी 2025 में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) भी शुरू किया था। इसका उद्देश्य भारत के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए जरूरी खनिजों को सुरक्षित करने के लिए एक आत्मनिर्भर कार्यक्रम चलाना है।

Chinas Rare Earth Export Curbs: दुनिया को अपनी मुट्टी में करने की चीन की चाहत लगातार बढ़ती जा रही है। इसी के मद्देनजर अब वह दुर्लभ मिनरल को लेकर खेल खेलने लगा है। भारत सहित पूरी दुनिया में इसका असर दिख सकता है। इसे लेकर भारत ने भी अपनी तैयारियों को अंजाम देने शुरू कर दिया है कि ताकि भविष्य भारत को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। दरअसल, चीन की ओर से दुर्लभ मिनरल पर हाल ही में निर्यात प्रतिबंधों ने ग्लोबल सप्लाई चेन को बाधित किया है, इसलिए भारत इससे निपटने के लिए घरेलू मोर्चे पर कई कदम उठा रहा है।

Rare earth metal

दुर्लभ पृथ्वी मेटल पर भारत की क्या तैयारी?

चीन ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का निर्यात किया बंद

चीन द्वारा दुर्लभ पृथ्वी तत्वों यानी रेयर अर्थ एलिमेंट (REEs) के निर्यात पर प्रतिबंध ने दुनिया में चिंता पैदा कर दी है। लिथियम, कोबाल्ट, निकल जैसे दुर्लभ पृथ्वी तत्व सौर पैनलों, विंड टर्बाइनों, इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए बेहद जरूरी हैं। वित्त मंत्रालय की 'मई 2025 के लिए मासिक आर्थिक समीक्षा' में कहा गया है कि इस तरह के प्रतिबंध इलेक्ट्रिक वाहनों, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उद्योगों के विकास में बाधा डालेंगे।

End of Feed