चीन का कमजोर लैब सुरक्षा सिस्टम है दुनिया के लिए खतरा, 2019 में कोरोना के साथ ही फैलाई थी एक और महामारी

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 13, 2023, 08:27 AM IST

2019 के अंत में ब्रूसेलोसिस और कोरोनावायरस दोनों का प्रकोप सामने आ रहा था। लेकिन दोनों की ही उत्पत्ति का पता नहीं लग पाया है। उंगली चीन पर ही उठी।

Covid 19 And Brucellosis Leaked From China Lab: 2019 की गर्मियों में उत्तर-मध्य चीन में सरकार द्वारा संचालित बायोमेडिकल लैब के अंदर एक रहस्यमय हादसा हुआ। इस लैब में जानवरों से मनुष्यों तक फैलने वाले वायरस पर रिसर्च होती थी। वैक्सीन संयंत्र के कचरे में कीटाणुओं को मारने वाली स्वच्छता प्रणाली में किसी कमी के बारे में कमर्चारियों को सचेत करने के लिए कोई अलार्म सिस्टम नहीं था। जब उस साल जुलाई के अंत में सिस्टम विफल हो गया, तो लाखों वायुजनित सूक्ष्म जीव अदृश्य रूप से रिसने लगे और आस-पास के इलाकों में फैलने लगे। समस्या का पता चलने और ठीक होने में लगभग एक महीना बीत गया, और लोगों को इस बारे में कोई सूचना ही नहीं दी गई। बाद में वैज्ञानिक अध्ययनों ने निष्कर्ष निकाला कि तब तक कम से कम 10,000 लोग इसकी चपेट में आ चुके थे, जिनमें सैकड़ों बीमारियां विकसित हो रही थीं।

China Wuhan Lab

कोरोना के साथ-साथ चीन ने दुनिया को दी एक और महामारी

कोरोना के साथ फैला ब्रुसेलोसिस

ये घटनाएं वुहान में नहीं हुईं, वह शहर जहां कोरोनो वायरस महामारी शुरू हुई थी, बल्कि उत्तर-पश्चिम में 800 मील दूर एक अन्य चीनी शहर लान्झोउ (Lanzhou) में हुई थी। लीक होने वाले रोगजनक बैक्टीरिया थे जो ब्रुसेलोसिस (Brucellosis) बीमारी का कारण बनते हैं। यह एक सामान्य पशु रोग है जो इलाज न किए जाने पर मनुष्यों में असाध्य बीमारी या मृत्यु का कारण बन सकता है। कोरोना महामारी के चौथे वर्ष में प्रवेश करने के साथ ही इस कम जानकारी वाले लान्झोउ घटना के बारे में अभी तक विवरण छुपे हुए हैं। 2019 के अंत में ब्रूसेलोसिस और कोरोनावायरस दोनों का प्रकोप सामने आ रहा था। लेकिन दोनों की ही उत्पत्ति का पता नहीं लग पाया है।

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