नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स समिट 2026 (BRICS Summit 2026) इस बार सिर्फ दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की बैठक नहीं, बल्कि बड़ी कूटनीतिक हलचल का मंच बनने जा रहा है। एक तरफ सात साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत की धरती पर कदम रखने जा रहे हैं। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी बैठक में शामिल होंगे। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का थीम है- 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण'।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। AI IMAGE
सरकार की कोशिश व्यावहारिक सहयोग पर जोर देने की है। सिर्फ बड़ी-बड़ी भू-राजनीतिक बातें नहीं, बल्कि ऐसे मुद्दे जिनसे सदस्य देशों को सीधा फायदा हो। 12-13 सितंबर को होने वाला 18वां ब्रिक्स समिट नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस समिट को लेकर राष्ट्रीय राजधानी को नया 'रंग-रूप' देने की तैयारी चल रही है। शहर को साफ-सुथरा और खूबसूरत बनाने के साथ-साथ सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं पर भी खास फोकस किया जा रहा है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 की फाइल फोटो।
क्यों बदली जा रही है दिल्ली की तस्वीर?
ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचेंगे। ऐसे में विदेशी मेहमानों के सामने राजधानी की बेहतर तस्वीर पेश करना तैयारियों का अहम हिस्सा है। इसी वजह से एनडीएमसी ने 41 प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया है, जिन्हें 14 सर्किल में बांटकर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इन रास्तों पर रोजाना सफाई, सड़क, फुटपाथ, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण की निगरानी की जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में कर्तव्य पथ की फाइल फोटो। isotck
17 गोलचक्करों पर खास सजावट
दिल्ली के प्रमुख गोलचक्करों को खास तरीके से सजाया जा रहा है। 17 गोलचक्करों पर विशेष लैंडस्केपिंग और डेकोरेटिव लाइटिंग की जाएगी। इसके अलावा 15 जगहों पर फ्लोरल बोर्ड और 9 जगहों पर फ्लावर फाउंटेन लगाए जा रहे हैं। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर 15 हजार से ज्यादा फूलों के गमले लगाए जाने की भी योजना है।
ब्रिक्स देशों से आने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने वाले प्रमुख होटलों के आसपास भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 होटल और 10 एनडीएमसी इमारतों में डेकोरेटिव लाइटिंग की जा रही है। लाइटिंग से जुड़े काम को 9 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली-एनसीआर की सड़कों की तस्वीर।
किन सड़कों पर खास नजर?
तैयारियों के तहत रायसीना रोड, संसद मार्ग, रफी मार्ग, अशोक रोड, जनपथ, कनॉट प्लेस, शांति पथ, सरदार पटेल मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग मार्ग और लोधी रोड जैसे प्रमुख रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन इलाकों में सड़क और फुटपाथ की मरम्मत, पेंटिंग, स्ट्रीट फर्नीचर और रोड साइन की जांच जैसे काम किए जा रहे हैं।
समिट के दौरान सफाई व्यवस्था चौबीसों घंटे जारी रखने की तैयारी है। 9 से 14 सितंबर तक अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों और विशेष नाइट ड्यूटी टीमों को तैनात किया जाएगा। मैकेनिकल रोड स्वीपर, स्क्रबर और अन्य मशीनों से प्रमुख रास्तों की सफाई होगी। जरूरत के मुताबिक अस्थायी डस्टबिन और मोबाइल टॉयलेट भी लगाए जाएंगे।
बारिश और जलभराव से निपटने की तैयारी
दिल्ली में मानसून को देखते हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पंप और ड्रेनेज व्यवस्था की जा रही है। बाबा खड़क सिंह मार्ग और मंदिर मार्ग जैसे इलाकों में अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं। इसके अलावा पांच प्रमुख स्थानों, लोधी रोड, तिलक मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, शांतिपथ और जाकिर हुसैन रोड—पर मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है, ताकि धूल और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
दिल्ली में दिखेगा ब्रिक्स का ब्रांडिंग अभियान
समिट के दौरान दिल्ली में ब्रिक्स से जुड़ी ब्रांडिंग भी दिखाई देगी। इसके लिए 154 डिजिटल मीडिया स्क्रीन, 83 PTU/CTU फ्लेक्स साइट और 72 बस क्यू शेल्टर समेत कुल 309 साइट चिन्हित की गई हैं। इन जगहों पर ब्रांडिंग का काम पूरा किए जाने की जानकारी एनडीएमसी ने दी है। समिट के दौरान किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई के लिए एनडीएमसी का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर चौबीसों घंटे काम करेगा। अधिकारी सीसीटीवी, फील्ड रिपोर्ट और निरीक्षण के जरिए सफाई, बिजली, सड़कों और अन्य नागरिक सुविधाओं पर नजर रखेंगे।
समिट की सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट के कारण दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध भी लागू किए जा रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 35 से ज्यादा सड़कों पर यातायात नियंत्रण और 22 डायवर्जन प्वाइंट की व्यवस्था की है। ऐसे में समिट के दौरान आम लोगों को कई रास्तों पर अतिरिक्त समय लग सकता है।
