अगस्त में औसत से ज्यादा बरसे बादल, फिर भी क्यों है 'मानसूनी मायूसी'; सितंबर में क्या होगा?

Mansoon 2026 : देशभर में इस सीजन में सामान्य से 13% कम बारिश दर्ज की गई है। इसके उलट ओडिशा और दिल्ली में मानसून ने बेहतर प्रदर्शन किया है और राज्य में इसी अवधि के दौरान दीर्घकालिक औसत से 27% अधिक बारिश हुई है। आइये जानते हैं सितंबर में कितनी बारिश होनी है?

Mansoon 2026 : देशभर में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कहीं अनुमान से अधिक तो कहीं कम वर्षा रिकॉर्ड की जा रही है। आईएमडी की मानें तो इस सीजन दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) कमजोर रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक जून से 16 अगस्त की अवधि में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इसके विपरीत पूर्वोत्तर में राज्यों में अच्छी बारिश हुई। यानी कुल 27 फीसदी इजाफा देखा गया। इधर, अगस्त माह में दिल्ली-एनसीआर में सामान्य से अधिक वर्षा हुई, जो काफी अच्छे संकेत हैं। मानसून की अच्छी स्थिति खरीफ फसलों के लिए भी अहम है, क्योंकि धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दालों जैसी फसलें मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर रहती हैं। पर्याप्त बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों को फायदा मिल सकता है, वहीं बारिश की कमी वाले इलाकों में खरीफ फसलों की पैदावार और सिंचाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। लेकिन अच्छे मानसून से रबी की फसलों के लिए भी सिंचाई का ढांचा तैयार होगा।

Monsoon Rainfall 2026

अगस्त में कितनी बारिश (फोटो-AI)

.2026 में सामान्य से कम मानसून का पूर्वानुमान

स्काईमेट वेदर ने कहा कि वर्ष 2026 में सामान्य से कम मानसून रहने का अनुमान जताया था। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के शुरुआती चरण में ही इसकी रफ्तार लगभग थम गई थी। जून का महीना बेहद कमजोर रहा और इस दौरान दीर्घकालिक औसत (LPA) की तुलना में सिर्फ 65% बारिश दर्ज की गई।

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