Atiq Ahmed Property,Networth and Attached by goverment:माफिया और पूर्व सांसद-विधायक अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल देर रात तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अकेले अतीक पर 100 से अधिक अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज थे। अतीक 5 बार का विधायक और एक बार सांसद भी रहा। इस दौरान अपने अवैध कारोबार से अतीक ने बड़ी मात्रा में संपत्ति भी अर्जित कर ली थी।
अतीक अहमद की 11 हजार करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी अटैच
लेकिन 2017 के बाद से योगी आदित्यनाथ सरकार ने जब उसके अवैध कारनामों पर लगाम लगाना शुरू किया तो करीब 11 हजार की संपत्ति उसकी जब्त की गई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने भी अतीक की संपत्तियां जब्त की। अकेले प्रयागराज में 1000 करोड़ से ज्यादा संपत्ति जब्त की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन जब्त या अटैच संपत्तियां का क्या होता है। क्या सरकार या जांच एजेंसिया उन्हें तुरंत बेच सकती हैं। या फिर उसे आरोपी दोबारा हासिल कर सकता है। तो आइए जानते हैं कि अटैच संपत्ति क्या होती हैं और उन्हें जब्त करने के बाद क्या किया जाता है..
क्या हैं नियम
अगर किसी प्रॉपर्टी को ईडी अटैच करती है, तो उसे यह अधिकार मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) कानून देता है। PMLA-2002 के सेक्शन -5 (1) ईडी को प्रॉपर्टी अटैच करने का अधिकार देता है। इसके तहत ईडी किसी प्रॉपर्टी को अटैच कर, आरोपी को उसका फायदा लेने से रोकता है। हालांकि अगर शॉपिंग मॉल, दुकान या होटल आदि अटैच किए जाते हैं, तो वह ऑपरेशनल हो सकते हैं। वहीं अगर घर अटैच होता है तो घर के लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रॉपर्टी अटैच होने के बाद उसकी खरीद फरोख्त या उसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।
इसके अलावा प्रॉपर्टी को ईडी के पास केवल 180 दिन तक ही अटैच करने का अधिकार होता है। इस बीच अगर आरोपी दोषी साबित हो जाता है तो प्रॉपर्टी सरकार की हो जाती है। और दोष साबित नहीं होने पर प्रॉपर्टी आरोपी को मिल जाती है। हालांकि केस लंबा होने पर कोर्ट के पास अधिकार होता है कि प्रॉपर्टी किसके पास रहेगी।
लंबे समय तक हो सकती है अटैच
कई बार प्रॉपर्टी लंबे समय तक भी अटैच रह सकती है। और यह पूरी तरह से कोर्ट के ऊपर होता है। ईडी इसके अलावा प्रॉपर्टी अटैच के अलावा वाहन भी कई बार जब्त करती है। उस स्थिति में वाहन को सरकार के वेयरहाउस में सील करके भेज दिया जाता है। और कोर्ट के फैसले के बाद जरुरी कार्रवाई की जाती है। अगर फैसला ईडी के हक में आता है तो जिस प्रापर्टी को कुर्क कर दिया जाता है और उससे सरकार पैसे वसूलते है।
राज्य सरकार की जब्ती के बाद क्या होता है
इसी तरह जब किसी राज्य की सरकार प्रॉपर्टी अटैच करती है। तो कोर्ट के पास उसकी संपत्ति कुर्की कराने का अधिकार होता है। जब कोर्ट को लगता है कि आरोपी फरार है , और वह कोर्ट के सामने हाजिर नहीं होता है तो उसे सीआरपीसी की धारा-82 के तहत ऐसे व्यक्ति को फरार घोषित किया जाता है। वही धारा-83 के तहत कोर्ट फरार व्यक्ति की प्रॉपर्टी की कुर्की का आदेश दे सकती है। कुर्की का आदेश होने के बाद उस व्यक्ति की संपत्ति राज्य सरकार कुर्क कराती है। हालांकि बच्चों के कपड़े, बिस्तर के कपड़े, स्त्री के आभूषण,बर्तन आदि की कुर्की नहीं की जा सकती है। इसके अलावा कोर्ट के आदेश पर अटैच प्रॉपर्टी आरोपी को वापस भी की जा सकती है।
कितना जमा था पैसा
साल 2014 में अतीक द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार उसके पास 5,26,700 रु कैश थे। जबकि उसकी पत्नी के पास 2,16,140 रु और उसके 5 डिपेंडेंट के पास कुल 1 लाख रु कैश था। यानी कैश था कुल मिलाकर 8,42,840 रु। वहीं अतीक, उसकी पत्नी और डिपेंडेंट के पास अलग-अलग बैंकों खातों में कुल मिलाकर 1.26 करोड़ रु थे।
