विपक्षी दलों के साथ रहकर भी चुनाव में अकेलापन महसूस करेंगे केजरीवाल, जानिए क्या है असल दर्द

Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ रही है, मगर विपक्षी गठबंधन की 27 पार्टियों का साथ पाकर भी आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं। चुनाव प्रचार में कहीं न कहीं केजरीवाल की पार्टी को ये तकलीफ जरूर सताएगी। आपको पूरा माजरा समझाते हैं।

Real Pain Of Aam Aadmi Party: अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) का सबसे बड़ा दर्द है, उनका अकेलापन...। इसमें कोई दो राय नहीं है कि अगर विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूजिव अलायंस (INDIA) की 27 पार्टियों का साथ आप के पास है, मगर बावजूद इसके अरविंद केजरीवाल को अपने उन मजबूत साथियों की कमी जरूर खल रही होगी, जो जेल की हवा खा रहे हैं।

Pain Of Arvind Kejriwal

केजरीवाल के सामने क्या है सबसे बड़ा चैलेंज?

चुनाव में केजरीवाल के सामने होगी सबसे बड़ी चुनौती

खुद केजरीवाल आरोप लगाते रहते हैं कि उनकी पार्टी के नंबर दो और तीन के नेताओं को गलत तरीके से जेल में बंद किया गया है। इनमें मनीष सिसोदिया और संजय सिंह का नाम शामिल है। कथित आबकारी घोटाले को लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप हैं, ऐसे में जब चुनाव नजदीक है तो निश्चित तौर पर केजरीवाल को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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