Real Pain Of Aam Aadmi Party: अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) का सबसे बड़ा दर्द है, उनका अकेलापन...। इसमें कोई दो राय नहीं है कि अगर विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूजिव अलायंस (INDIA) की 27 पार्टियों का साथ आप के पास है, मगर बावजूद इसके अरविंद केजरीवाल को अपने उन मजबूत साथियों की कमी जरूर खल रही होगी, जो जेल की हवा खा रहे हैं।
केजरीवाल के सामने क्या है सबसे बड़ा चैलेंज?
चुनाव में केजरीवाल के सामने होगी सबसे बड़ी चुनौती
खुद केजरीवाल आरोप लगाते रहते हैं कि उनकी पार्टी के नंबर दो और तीन के नेताओं को गलत तरीके से जेल में बंद किया गया है। इनमें मनीष सिसोदिया और संजय सिंह का नाम शामिल है। कथित आबकारी घोटाले को लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप हैं, ऐसे में जब चुनाव नजदीक है तो निश्चित तौर पर केजरीवाल को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
चुनावी सभाओं में खलेगी सिसोदिया और सिंह की कमी
फिलहाल विपक्षी दलों के गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर समझौता नहीं हो सका है, मगर जब भी फॉर्मूला सेट होगा आम आदमी पार्टी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में कदम रखना चाहेगी। हालांकि केजरीवाल और उनकी पार्टी को मनीष सिसोदिया और संजय सिंह की कमी खलने वाली है। दोनों ही नेताओं को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में केजरीवाल को अकेलापन महसूस हो रहा होगा। माना जाता है कि केजरीवाल और सिसोदिया की जोड़ी आप के लिए शुभ है। ये जोड़ी टूटी नहीं है, पर दोनों के बीच जेल की सलाखों ने दूरियां बढ़ा दी है।
बढ़ गई मनीष सिसोदिया और संजय सिंह की न्यायिक हिरासत
बीते बुधवार को अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को उस वक्त एक और झटका लगा, जब दिल्ली की एक अदालत ने आप सांसद संजय सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 20 जनवरी तक बढ़ा दी। संजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। उनको अदालत ने उचित सुरक्षा के तहत 12 जनवरी को चुनाव प्रमाणपत्र लेने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के पास ले जाने का निर्देश दिया है।
अदालत ने क्या कहकर खारिज की सिंह की जमानत याचिका?
संजय सिंह की जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने ये टिप्पणी की थी कि सबूतों से पता चलता है कि आरोपी मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल था और सीबीआई द्वारा जांच की गई अनुसूचित अपराधों से अपराध की आय के संबंध के आधार पर अपराध पर विश्वास करने के लिए उचित आधार थे। बता दें, ईडी ने सिंह को नॉर्थ एवेन्यू इलाके में उनके आवास पर तलाशी लेने के बाद 4 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
लोकसभा चुनाव में केजरीवाल के आप का क्या होगा?
इस सवाल के जवाब का इंतजार आम आदमी पार्टी और उनके समर्थक बड़ी ही बेसब्री से कर रहे होंगे। क्योंकि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जब सभी पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं, उस वक्त अरविंद केजरीवाल खुद को अकेला महसूस कर रहे होंगे। आप का सबसे बड़ा दर्द यही है कि जेल में रहकर संजय सिंह और मनीष सिसोदिया चुनाव में पार्टी को कैसे मजबूत करेंगे। हालांकि माना ये भी जा रहा है कि चुनाव में पार्टी को इसकी सहानभूति भी मिल सकती है।
