Bobby Deol on OTT: बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर बॉबी देओल (Bobby Deol) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्मों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। बॉबी देओल एक के बाद एक फिल्मों से बड़े पर्दे पर धमाल मचाने वाले हैं। बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ बॉबी देओल ओटीटी पर भी अपने नए प्रोजेक्ट्स से गर्दा उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इन सब के बीच बॉबी देओल ने Times Now को एक इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू के दौरान बॉबी देओल ने अपनी अपनी फिल्मों के साथ-साथ ओटीटी पर भी बात की। उन्होंने बताया कैसे ओटीटी ने उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में दूसरा चांस दिया है। तो चलिए जानते हैं बॉबी देओल ने इस इंटरव्यू के दौरान ओटीटी और करियर को लेकर क्या कहा।
Image Source: Aashram Web Series
बॉबी देओल ने करियर को लेकर कही ये बात
एक्टर बॉबी देओल एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार (Navika Kumar) के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बॉबी देओल ने अपने करियर के कहा, 'अगर मैं पीछे मुड़कर देखूं और सोचूं, तो जब मैं इंडस्ट्री में आया, तब वक्त बदल रहा था। सब कुछ नया हो रहा था। उस समय पीआर जैसा कोई सिस्टम नहीं था, सब कुछ बहुत सिंपल और बेसिक था। आप एक्टर बनते थे, अगर लोग आपको पसंद करते, तो वो खुद आपको ले लेते। अगर आपकी फिल्म अच्छी चलती, तो और फिल्में मिल जातीं। लेकिन जब मैंने जॉइन किया, तब पीआर कल्चर शुरू हो गया। फिर ऐसा दौर आया कि लोग मार्केट में जाकर काम मांगने लगे, कनेक्शन्स बनाने लगे। पहले लोग खुद आकर आपको काम देते थे लेकिन बाद में इंडस्ट्री में भीड़ बढ़ गई। सबको काम चाहिए था, तो लोग ऑफिस-ऑफिस घूमने लगे, रिश्ते बनाने लगे। मैंने ऐसा नहीं किया क्योंकि मुझे किसी ने बताया ही नहीं कि ऐसा करना पड़ता है। मैं तो इस चक्कर में था ही नहीं, मुझे ये सब समझ ही नहीं आया।'
बॉबी देओल ने बताया कैसे ओटीटी ने बदली उनकी जिंदगी
बॉबी देओल इस इंटरव्यू के दौरान बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने उनके करियर को नया मोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है ओटीटी ने मेरी जिंदगी बदल दी। मैं अपने कम्फर्ट जोन से बाहर काम ढूंढ रहा था। मुझे पहले कभी ऐसे रोल्स ऑफर नहीं हुए जो ग्राउंडेड हों या मास अपील वाले हों। फिर ओटीटी ने मुझे वो मौका दिया। मेरा पहला ओटीटी प्रोजेक्ट था 'क्लास ऑफ 83' (Class of '83) जो नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज हुआ और रेड चिलीज (Red Chillies) का था। मैं बहुत खुश था कि मुझे कुछ ऐसा करने का मौका मिला, जिसमें मैं अपनी काबिलियत दिखा सकूं। लोगों ने फिल्म देखी, मेरे काम को प्यार दिया। और फिर, बस एक हफ्ते बाद 'आश्रम' (Aashram) आ गया। 'आश्रम' तो जैसे तूफान बनकर आया और मुझे ढेर सारा प्यार मिला। 'क्लास ऑफ 83' ने शुरुआत की, लेकिन 'आश्रम' ने तो सब कुछ बदल दिया। जब मैंने वेब सीरीज आश्रम साइन की थी, तो मैंने अपनी मां, पापा धर्मेंद्र (Dharmendra) और भाई सनी देओल (Sunny Deol) को नहीं बताया। मुझे पता था वो पूछेंगे कि ऐसा किरदार क्यों कर रहा है? लेकिन मैं यही चाहता था कि अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर कुछ अलग करूं।'
