टीवी एक्टर ईश्वर ठाकुर (Ishwar Thakur) की हालत इन दिनों बेहद गंभीर बताई जा रही है। ‘एफआईआर’ (FIR) और ‘भाबीजी घर पर हैं’ जैसे शोज में काम कर चुके ईश्वर इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। यह उनकी नौवीं बार अस्पताल में भर्ती होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया है और पिछले एक दिन से उन्हें होश नहीं आया है। ईश्वर लंबे समय से कई स्वास्थ्य परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनकी हालत बिगड़ने के बाद परिवार के सामने इलाज का खर्च उठाने की बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। परिवार ने लोगों से आर्थिक मदद की अपील की है। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Samay Raina की कार से उतरीं Medha Shankar, पैपराजी को देखते ही बढ़ गईं एक्ट्रेस की धड़कनें)
ईश्वर ठाकुर की हालत नाजुक (pic credit-instagram)
ईश्वर ठाकुर की हालत नाजुक
ईश्वर की बहन ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया कि उनकी तबीयत खराब होने की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। कोरोना लॉकडाउन से करीब तीन महीने पहले उनके पैर में चोट लग गई थी। ईश्वर को डायबिटीज थी, जिसकी वजह से पैर का घाव जल्दी ठीक नहीं हुआ। धीरे-धीरे उसमें इंफेक्शन फैल गया और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। समय के साथ उनकी बीमारी ने शरीर के दूसरे हिस्सों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया। डायबिटीज के अलावा ईश्वर को किडनी की समस्या भी है और उनका लिवर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। अब उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई है कि उन्हें नौवीं बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
ईश्वर की बहन ने बताया कि परिवार के पास अब इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर के इलाज में परिवार अपनी सारी जमा पूंजी खर्च कर चुका है। यहां तक कि उन्हें अपना घर भी बेचना पड़ा। ईश्वर की देखभाल उनकी बहन और उनके पति कर रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति अब इतनी खराब हो चुकी है कि उनके लिए इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। ईश्वर की बहन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या किया जाए। उनकी मां भी दिल की मरीज हैं और पूरी तरह परिवार पर निर्भर हैं। ईश्वर की बहन ने टीवी और मनोरंजन जगत के लोगों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि जब कोरोना के समय पहली बार ईश्वर की तबीयत खराब होने की खबर सामने आई थी, तब इंडस्ट्री के कई लोगों ने आर्थिक मदद के लिए आगे आकर परिवार का साथ दिया था। अब परिवार को एक बार फिर इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है।
