गेम चेंजर डायरेक्टर शंकर हाल ही में विवादों में घिरे नजर आ रहे हैं। शंकर की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। शंकर फिल्म एंथिरन पर कॉपीराइट मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आ गए है। रिपोर्ट के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी 10.11 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। अब इस मामले को लेकर शंकर ने चुप्पी तोड़ी है। आइए जानते हैं कि डायरेक्टर ने क्या कहा है।
director Shankar
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान शंकर ने कहा-"मैं ईडी, चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई को जनता के ध्यान में लाना चाहता हूं, जिसमें उन्होंने फिल्म एंथिरन (रोबोट) से संबंधित कॉपीराइट के आरोपों के आधार पर मेरी तीन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।" फिल्म मेकर का कहना है कि अभी तक उन्हें ईडी से उनकी संपत्ति की कुर्की के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और यह केवल मीडिया में प्रसारित जानकारी है। शंकर ने इसे कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करार दिया है ।
कार्यवाही बंद करेंगे अधिकारी?
शंकर ने कहा-"मुझे यकीन है कि अधिकारी अपनी कार्रवाई करेंगे और इस मामले में आगे की कार्यवाही बंद कर देंगे। अगर वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो मेरे पास कुर्की आदेश के खिलाफ अपील करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।"
क्या था मामला
रिपोर्ट के अनुसार ईडी साल 2011 में आरूर तमिलनाडन ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक याजिका दायर कर शिकायत की थी। तमिलनाडन ने शिकायत में ये बताया था कि एस शंकर की फिल्म 'एंथिरन' से उनकी फिल्म की कहानी 'जिगुबा' से काफी ज्यादा मिलती-जुलती है। जिस कारण उन्हेंने एस शंकर के ऊपर कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। छानबीन में जानकारी मिली कि शंकर को 'एंथिरन' पर अपने काम के लिए 11.5 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें कहानी के डेवलपमेंट, स्क्रिप्ट, डायलॉग और निर्देशन शामिल था।
