देश की जानी-मानी पत्रिका फेमिना मैगजीन (Femina Magzine) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू पर स्पेशल स्टोरी की है, देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति को देश की जानी-मानी पत्रिका फेमिना ने अपने अगस्त के एडिशन में कवर पेज पर जगह दी है, टाइम्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन (Times Group MD Vineet Jain) ने द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें फेमिना के August Edition की पहली कॉपी भेंट की।
विनीत जैन ने फेमिना के लेटेस्ट एडिशन की पहली प्रति सौंपने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, मैगजीन के इस एडिशन में महिला सशक्तिकरण की अभिव्यक्ति के रूप में कवर पर राष्ट्रपति को दर्शाया गया है।
'फेमिना' मैगजीन ने राष्ट्रपति मुर्मू पर की 'स्पेशल स्टोरी'
गौर हो कि FEMINA के अगस्त के एडिशन में मैगजीन ने राष्ट्रपति मुर्मू पर स्पेशल स्टोरी की है, द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं ऐसी आदिवासी राष्ट्रपति हैं जो अपने पिछड़े हुए गांव से भुवनेश्वर के कॉलेज में पढ़ने वाली पहली महिला हैं, साथ ही मैगजीन ने उनके राजनीतिक सामाजिक और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए काम की डिटेल स्टोरी की है।युवाओं में अटूट विश्वास प्रदर्शित करती रहती हैं राष्ट्रपति मुर्मू
देश के प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रपति मुर्मू देश के युवाओं में अटूट विश्वास प्रदर्शित करती रहती हैं और उनसे मातृभूमि के प्रति, साथी नागरिकों के उत्थान और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए बार-बार आह्वान करती हैं। राष्ट्रपति के रूप में राष्ट्र के नाम अपने पहले भाषण में उन्होंने कहा कि मैं हमारे देश के युवाओं को कहती हूं कि आप न केवल अपना भविष्य बना रहे हैं, बल्कि साथ ही भविष्य के भारत की नींव भी रख रहे हैं। देश की राष्ट्रपति होने के नाते मैं हमेशा आपकी पूरी मदद के लिए तत्पर रहूंगी।
देश को पहली बार बतौर राष्ट्रपति संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि मेरे लिए यह गर्व की बात है कि मैंने अपना राजनीतिक करियर तब शुरू किया। जब देश अपनी आजादी का 50वां साल मना रहा था और स्वतंत्रता दिवस के 75वें साल पर मैं देश के सर्वोच्च पद पर पहुंच गई। राष्ट्रपति मुर्मू ने स्कूल में पढ़ाने के बाद का अपना वक्त दूसरों की मदद करने और सामाजिक कार्यों में लगा दिया।
