kisi ka bhai kisi ki jaan poster (credit pic: instagram)
Salman Khan,Pooja Hegde,Shehnaaz Gill,Jagpati babu,Daggubati Venkatesh
Action
Apr 21, 20232 hr 40 mins
सलमान खान और पूजा हेगड़े की फिल्म किसी का भाई किसी की जान रिलीज हो गई है। फिल्म को दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। अगर आप भी भाईजान के फैन हैं और परिवार के साथ फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले जान लीजिए कैसी है फिल्म?
Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan Review: सलमान खान और पूजा हेगड़े की फिल्म किसी का भाई किसी की जान सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फैंस इस फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 4 साल बाद भाईजान ने पर्दे पर वापसी की है। सलमान खान की फिल्म एक्शन ड्रामा है। लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद बस आपको हंसी आएगी। फिल्म की कहानी एक मोहल्ले से शुरू होती है, जहां सभी धर्मों के लोग खुशी से रहते हैं। इस बस्ती को MLA महावीर यानी विजेंदर सिंह खाली करवाकर यहां कुछ बनाना चाहता है। इसके लिए कई बार हाथ पैर मारता है, लेकिन मोहल्ले का भाईजान यानी सलमान खान उसे असफल कर देता है। दूसरी तरफ भाईजान प्यार में पड़ जाते हैं। भाईजान को पूजा हेगड़े यानी भाग्या से प्यार हो जाता है। इसी के साथ फिल्म की कहानी नॉर्थ से साउथ की तरफ चली जाती है।
कलाकारों की एक्टिंग
सलमान खान की एक्टिंग हमेशा की तरह दिखाई दी। उनकी फिल्म में कोई नयापन नहीं देखने को मिला। वेंकटेश और जगपति बाबू ने अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीत लिया। पूजा हेगड़े ने अपने रोल के साथ न्याय किया। वहीं, जस्सी गिल, राघव जुयाल, शहनाज गिल और पलक तिवारी की एक्टिंग ठीक- ठाक थी। लोगों को शहनाज से काफी उम्मीदे थी। लेकिन वो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। इसके अलावा सतीश कौशिक ने अपने अभिनय से अमिट छाप छोड़ी है। उन्हें स्क्रीन पर देखना फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है।
डायरेक्शन
किसी का भाई किसी की जान का डायरेक्शन फहाद समजी ने किया है। फिल्म के डायलॉग्स में कोई मेहनत नहीं की गई। कहानी बहुत बोरिंग लगती है। किरदारों के डायलॉग्स से लेकर कहानी तक काफी कमजोर दिखाई दी। निर्देशक ने फिल्म पर बिल्कुल मेहनत नहीं की है। फिल्म में गानों को जबरदस्त भरा गया है। सिनेमेटोग्राफी की तारीफ करनी चाहिए। एम मानिकंदन ने लाइट्स के साथ अच्छा काम किया है।
अगर आप भाईजान के फैन है तो भी ये फिल्म काफी बोरिंग लगती हैं। फिल्म को देखकर ऐसा लगता है कि कुछ भी दिखाया जा रहा है। लोग फिल्म देखने से ज्यादा बार- बार फोन देखेंगे।