एक दौर था जब शादियों और पार्टियों में बॉलीवुड गाने बजा करते थे। शायद ही ऐसी कोई पार्टी होती है, जो बॉलीवुड के गानों के बिना पूरी होती हो। बदलते वक्त के साथ लोगों का स्वाद बदला और वो रीजनल सॉन्ग्स पर शिफ्ट होने लगे, जिसके बाद पंजाबी, भोजपुरी और हरियाणवी गानों की धूम मचने लगी। वक्त ऐसा आ चुका है कि लोग बॉलीवुड सॉन्ग्स को ठेंगा दिखाकर अपनी भाषा के गानों पर जमकर झूमते हैं। नॉर्थ इंडिया की बात की जाए तो हरियाणवी गाने लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। हरियाणवी सिंगर रेणुका पंवार ने टाइम्स नाउ नवभारत के साथ हरियाणवी गानों की अपार सफलता पर बात की और बताया कि लोगों ने बॉलीवुड गानों से किनारा क्यों कर लिया है?
रेणुका पंवार (Renuka Panwar) के अनुसार, 'हरियाणवी कलाकारों ने पिछले कुछ समय में अपने गानों का स्तर बढ़ाया है। हरियाणवी सिंगर्स काफी मेहनत कर रहे हैं, जिस कारण उनके गाने लोगों के साथ इतना कनेक्ट कर रहे हैं। इसके दूसरी तरफ बॉलीवुड गानों का स्तर समय से साथ नहीं बढ़ा है। अगर आप हमारे गाने देखेंगे तो हमारे गानों के लिरिक्स भी ऐसे होते हैं कि लोग उनसे कनेक्ट हो पाते हैं। हम इन्हें बड़े स्तर पर शूट करने लगे हैं, जिस कारण वो देखने में भी अच्छे लगते हैं। हम कोशिश करेंगे कि आने वाले दिनों में हम हरियाणवी गानों की क्वालिटी में और भी सुधार करें।'
लोगों के अपार प्यार के बावजूद हरियाणवी सॉन्ग्स की सफलता यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ही निर्भर है। इस बारे में रेणुका पंवार ने बात करते हुए कहा, 'हम सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स का ज्यादा से ज्यादा यूज करते हैं ताकि हमारे गाने लोगों तक पहुंचे। एक बार जब लोग हमारे गानों के लिए बेसब्र होने लगेंगे तो इन पर निर्भरता कम होने लगेगी और लोग हमारे प्रोजेक्ट्स के बारे में भी उसी तरह जानना चाहेंगे, जैसे बॉलीवुड स्टार्स के प्रोजेकेट्स के बारे में जानना चाहते हैं।'
